रुड़की : एसआइटी जांच के बाद चकबंदी अधिकारियों पर दर्ज मुकदमों में कोई कार्रवाई नहीं होने पर भारतीय किसान यूनियन (रोड गुट) ने चकबंदी कार्यालय में तालेबंदी करते हुए चार कर्मचारियों को बंधक बनाया। साथ ही, विभाग में अनियमितताओं को लेकर जमकर नारेबाजी की। भारतीय किसान यूनियन (रोड गुट) के निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्रदेश अध्यक्ष पदम सिंह रोड के नेतृत्व में सैकड़ों किसान बुधवार दोपहर को कचहरी परिसर स्थित चकबंदी विभाग के कार्यालय पहुंचे। किसानों ने चकबंदी कार्यालय के बाहर धरना दिया और जमकर नारेबाजी की।
इसी दौरान किसानों ने चकबंदी कार्यालय में तालाबंदी कर दी। साथ ही कार्यालय के चार कर्मचारियों को किसानों ने बंधक बनाकर धरनास्थल पर बैठा लिया। इस मौके पर भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष पदम सिंह रोड ने कहा कि चकबंदी विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है। विभाग के अधिकारियों ने माफिया के साथ मिलकर 200 करोड़ रुपये की भूमि को खुर्द बुर्द करने का काम किया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद भी अधिकारियों की गिरफ्तारी नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब तक अधिकारियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती तब तक तालाबंदी और धरना जारी रहेगा।
उन्होंने बताया कि 10 सितंबर को कचहरी में किसानों की महापंचायत होगी। वहीं जिला अध्यक्ष नाजिम अली ने कहा कि चकबंदी अधिकारियों ने माफिया के साथ मिलीभगत करके किसानों का काफी उत्पीड़न किया है। अब किसी हाल में किसानों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस बार किसान यूनियन आर-पार की लड़ाई लड़ेगा। यदि शीघ्र ही भ्रष्ट अधिकारियों की गिरफ्तारी नहीं की गई तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। जिसकी जिम्मेदारी पुलिस और प्रशासन की होगी। शाम तक किसान धरने पर बैठे हुए थे। इस मौके पर संजीव कुशवाहा, प्रदीप त्यागी आदि किसान शामिल रहे।


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