केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने सोने की तस्करी मामले की जांच उच्च न्यायालय की निगरानी में सीबीआई से कराने की विपक्षी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) की मांग को आज खारिज कर दिया।मामले के प्रमुख आरोपी ने विजयन, उनके परिवार के सदस्यों और शीर्ष नौकरशाहों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
विजयन ने कहा कि
केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वी. डी. सतीशन के एक प्रतिवेदन का जवाब देते हुए विजयन ने कहा कि तस्करी का मामला पूरी तरह से केंद्र के अधीन है और यह राज्य सरकार के दायरे में नहीं आता। इसलिए वह एजेंसी से मामले की जांच का अनुरोध नहीं कर सकते।
कई एजेंसियां वर्तमान में मामले की जांच कर रही
उन्होंने कहा, ‘‘ राज्य सरकार नहीं कह सकती कि सोना तस्करी मामले की जांच कौन सी एजेंसी करे, क्योंकि यह राज्य सरकार के दायरे में नहीं आता। राज्य सरकार को यह जिम्मेदारी लेने की कोई जरूरत भी नहीं है।’’उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय, राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) और सीमा शुल्क सहित कई एजेंसियां वर्तमान में मामले की जांच कर रही हैं और मामले को किसी और को सौंपने का निर्णय भी वे ले सकती हैं।

विजयन के अनुरोध खारिज करने से नाराज यूडीएफ
उन्होंने आरोप लगाया कि केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) एक ऐसी एजेंसी है, जिसका देशभर में विभिन्न मामलों में केंद्र सरकारों द्वारा व्यापक रूप से दुरुपयोग किया गया है।विजयन के अनुरोध खारिज करने से नाराज यूडीएफ के सदस्यों ने मुख्यमंत्री तथा वाम सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि वे सीबीआई जांच से डरे हुए हैं।


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