भारतीय आईआईटी की संस्थान इंदौर ने फैसला लिया है कि, अब बाहरी विद्यार्थी भी ज्ञान-विज्ञान के प्रसार के लिए आईआईटी इंदौर की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का प्रयोग कर सकेंगे। इस प्रयोगशालाओं में बाहरी विद्यार्थियों को भाग नहीं लेने दिया जाता था। संस्थान के एक प्रवक्ता ने बताया कि, कोविड-19 की महामारी को देखते हुए अन्य शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थी फिलहाल वर्चुअल माध्यमों से इन प्रयोगशालाओं का लाभ ले सकेंगे।
विद्यार्थी अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी कर सकेंगे : प्रोफेसर
आईआईटी इंदौर के संसाधन सृजन विभाग के अधिष्ठाता (डीन) प्रोफेसर आनंद पारे ने बताया, हमने अपनी प्रयोगशालाओं को अन्य शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों के लिए खोलने के कार्यक्रम के तहत प्रायोगिक शिक्षा का ऐसा खाका तैयार किया है जो कई विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम के मुताबिक है। उन्होंने बताया कि, आईआईटी इंदौर की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं से वर्चुअल माध्यमों के जरिये जुड़ने वाले विद्यार्थी प्रयोगों को वास्तविक समय में संपन्न होते देख सकेंगे। अधिष्ठाता ने बताया कि दोतरफा संवाद के इस सत्र में विद्यार्थी अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी कर सकेंगे।
अध्ययन से विद्यार्थियों की बढ़ेगी क्षमता
प्रोफेसर पारे ने बताया कि इस सत्र के जरिये प्रयोगों से अध्ययन को लेकर विद्यार्थियों की क्षमता बढ़ेगी और वे किसी प्रयोग की अवधारणा से लेकर इसके नतीजों के विश्लेषण तक के गुण भी सीख सकेंगे। उन्होंने बताया कि आईआईटी इंदौर के वर्चुअल प्रयोगशाला सत्र में सफल विद्यार्थियों को संस्थान की ओर से एक ई-प्रमाणपत्र भी प्रदान किया जाएगा।


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