झारखंड के मुख्यमत्री हेमंत सोरेन ने पश्चिम सिंहभूम जिले के बुरुगुलीकेला गांव में सात ग्रामीणों की निर्मम हत्या पर दुख व्यक्त करते हुए आज इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का आदेश दिया।
श्री सोरेन ने यहां बुरुगुलीकेला गांव में सात ग्रामीणों की हुई निर्मम हत्या की घटना पर राज्य के मुख्य सचिव, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक तथा पुलिस विभाग के अन्य अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक कर इस हत्या मामले के तमाम पहलुओं की जांच के लिए एसआईटी गठित करने का आदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सही है कि पुलिस हर जगह नहीं रह सकती है किंतु, पुलिस की कार्यशैली ऐसी होनी चाहिये कि जनता का भरोसा उस पर बना रहे तथा अपराध करने वाले और कानून तोड़ने वालों में पुलिस का दहशत भी बना रहे। उन्होंने कहा कि कानून सर्वोपरि है और घटना के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
श्री सोरेन ने कहा कि तय समय सीमा के अंदर घटना के सही कारणों को सामने लाएं। उन्होंने पीड़ति परिवार से संपर्क कर परिजनों को अविलंब हर सम्भव सहायता करने का निदेश दिया।
उन्होंने कहा कि घटना के वास्तविक कारणों के उछ्वेदन करने और दोषियों को चिन्हित करने के लिए एसआईटी का गठन किया जाए। जांच रिपोर्ट के बाद पीड़ित परिवार को तत्काल मदद के अलावा की जाने वाली पूरी सहायता पर और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई का निर्णय सरकार लेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में पूरे राज्य में ऐसी घटना को रोकने के लिए पुलिस सूचना तंत्र को प्रभावी बनाया जाए। ऐसी घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस के जिला से थाना तक सभी पूरी तरह चौकस रहें।
श्री सोरेन ने सख्त लहजे में कहा कि थाने की स्थिति आज अच्छी नहीं है और थाना प्रभारी अपने मुख्य लक्ष्य से भटक गए हैं। उन्होंने पुलिस महानिदेशक से कहा कि पुलिस तंत्र को यह स्पष्ट कर दें कि सरकार जनता के जानमाल की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगी।
साथ ही, थाना स्तर पर व्याप्त कार्यशैली में सुधार लाने की दिशा में कार्रवाई सुनिश्चित करने का निदेश दिया।


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