हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले की प्रशंसा की है, जिसमें 685.58 हेक्टेयर में फैली 605 विकास परियोजनाओं के कार्यान्वयन को मंजूरी प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं को वर्षो से हरी झंडी मिलने का इंतजार था।
बता दें कि जिन परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की गई है, उनमें सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा स्वीकृत सिरमौर में 1,337 करोड़ रुपये के ग्रीन कॉरिडोर राष्ट्रीय राजमार्ग और धर्मशाला में 61.48 करोड़ रुपये के दो-लेन वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 20-ए शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शीर्ष अदालत ने सोमवार को वन संरक्षण अधिनियम-1980 के तहत 138 परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिसमें 20 पनबिजली, 88 सड़कें, पीने के पानी के पांच और तीन बस स्टैंड से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।
वन अधिकार अधिनियम के तहत 465 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, जिनमें 334 सड़कें, 53 स्कूल, 20 सामुदायिक केंद्र, पेय जलापूर्ति व पानी की पाइपलाइन की 18 और 13 टैंक व अन्य छोटे जलाशय शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट के 11 मार्च, 2019 के निर्देशों के कारण अधिकारी इन परियोजनाओं पर आगे नहीं बढ़ सकते थे। इसी वजह से ये परियोजनाएं लंबे समय तक अटकी पड़ी रहीं।


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