छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आशंका जताई हैं कि उत्तरप्रदेश के चुनावों के बाद प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) और आयकर(आईटी) जैसे संस्थान छत्तीसगढ़ की ओर रूख कर सकते हैं।
केन्द्रीय एजेन्सियों के जरिए उनसे निपटा जा रहा हैं
श्री बघेल ने आज यहां पत्रकारों के एनसीपी नेता एवं महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक के खिलाफ ईडी द्वारा की गई कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर यह टिप्पणी की। उन्होने कहा कि मोदी सरकार की नजर में असहमति को कोई स्थान नही हैं।विरोधी दलों को लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा मानने की बजाय उन्हे दुश्मन मानते हुए केन्द्रीय एजेन्सियों के जरिए उनसे निपटा जा रहा हैं।उन्होने कहा कि जैसे ही उत्तरप्रदेश का चुनाव खत्म होगा संभव हैं कि प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) और आयकर(आईटी)छत्तीसगढ़ की ओर फिर रूख करें।
भाजपा के खिलाफ लोगो के मन में गुस्सा
उन्होने कहा कि उत्तरप्रदेश में चार चरण का चुनाव हो गया हैं,भाजपा के सामने फिर सत्ता में लौटने की गंभीर चुनौती हैं।उनका मानना हैं कि भाजपा सत्ता से चार चरण में ही बाहर हो गई हैं।उन्होने दावा किया कि उत्तराखंड,गोवा के साथ मणिपुर में कांग्रेस सत्ता में लौटेंगी जबकि पंजाब में वह फिर सत्ता में वापसी करेंगी।उन्होने कहा कि जो रिपोर्टें हैं उसमें सभी जगह भाजपा के खिलाफ लोगो के मन में गुस्सा हैं।
डीजल की कीमत में भारी इजाफा होना तय
श्री बघेल ने यूक्रेन संकट का जिक्र करते हुए कहा कि वहां हमारे राज्य के बच्चे बड़ संख्या में फसे हुए है,जिनको सुरक्षित लाना सर्वोच्च प्राथमिकता हैं।उन्होने कहा कि हमने नोडल अधिकारी नियुक्त कर रखा हैं,जोकि विदेश मंत्रालय से लगातार समन्वय बनाए हुए हैं।उन्होने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि इस संकट का अर्थव्यवस्था पर कितना नुकसान होगा,यह कहना मुश्किल हैं पर उ.प्र। चुनाव के तुरंत बाद पेट्रोल एवं डीजल की कीमत में भारी इजाफा होना तय हैं।


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