देहरादून : देहरादून स्थित राष्ट्रीय दृष्टिबाधितार्थ संस्थान (एनआईवीएच) में छात्राओं के शारीरिक और मानसिक शोषण को लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस टीम रविवार को एनआईवीएच पहुंची और पीड़ित छात्राओं के साथ ही संस्थान के प्रधानाचार्य के बयान दर्ज किए। छात्राओं ने जांच टीम के सामने कई सनसनीखेज खुलासे किए। जिसमें शिक्षकों और स्टॉफ के साथ ही संस्थान प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। रविवार दोपहर एसओ राजपुर अरविंद कुमार जांच टीम के साथ एनआईवीएच पहुंचे।
जहां महिला दारोगा विनीता चौहान ने छात्राओं से बातचीत की और उनके बयान दर्ज किए। पुलिस टीम सबसे पहले सीधे गर्ल्स हॉस्टल पहुंची। गर्ल्स हॉस्टल परिसर में पुलिस के पहुंचते ही हॉस्टल में मौजूद छात्राएं खुद ही पुलिस टीम तक आ गईं। उन्होंने एनआईवीएच में अपने नरकीय जीवन की परतें खोलने शुरू की। थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि शनिवार देर रात जिला बाल कल्याण समिति की ओर से संस्थान के अध्यापक सूचित नारंग के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि पुलिस ने चाइल्ड वेलफेयर टीम की मौजूदगी में पीड़ित बच्चियों के बयान दर्ज किए हैं। आरोप को लेकर पुलिस अन्य साक्ष्य जुटा रही है। पुलिस ने एनआईवीएच में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज मांगी हैं। खासतौर पर मुख्य गेट के साथ ही गर्ल्स हॉस्टल गेट पर लगे कैमरों के बारे में जानकारी ली है, साथ ही इनकी डीबीआर और सीसीटीवी फुटेज भी संस्थान से मांगी है। एसएसपी ने बताया कि पीड़ित बच्चियों के मजिस्ट्रट के सामने 164 के बयान दर्ज कराए जाएंगे। इसके लिए सोमवार को पुलिस संस्थान की पीड़ित छात्राओं को कोर्ट लेकर जाएगी। वहां बयान दर्ज कराने के साथ ही पुलिस अन्य कानूनी कार्रवाई पूरी करेगी।


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