संस्कार युक्त उच्च शिक्षा से ही अच्छे समाज निर्माण की बुनियाद मजबुत की जा सकती है। उच्च शिक्षा से मुस्लिम बिरादरी की दिक्कतों को काबु किया जा सकता है। खुद मो. साहब ने कुरान हदिश की सूराओं में लिखा है कि अच्छी तालीम के लिए अगर विदेश जाने की नौबत आए तो कत्तई गुरेज नही करना चाहिए। ये बातें राज्य अल्पसंख्यक आयोग, झारखंड सरकार के अध्यक्ष, मो. कमाल खान ने कॉंके के सीआईपी ग्राउंड में हुदाइबीया इन्टरनेशनल स्कूल के वार्षिक खेल समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बच्चों की पैरेड की सलामी लेने के बाद अपने संवोधन में कहा कि मानव स्वास्थ्य के लिए खेल-कूद अतिआवश्यक है।
हर उम्र के मानव को अपने ढंग से खेल-कूद में भाग लेना इसलिए आवश्यक समझा जाता है ताकि उनका स्वास्थ्य बना रहे और बीमारियों से दूर रहें। बुजुर्गो के लिए तो केवल पैदल चलना ही काफी होता है। बच्चे खेल-कूद में भाग लेकर अपने स्कूल, जिला, राज्य और देश का मान बढ़ाने में आगे रहते हैं। खेल प्रतिभा से विश्व में देश का नाम होता है। इस अवसर पर रांची विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के प्रो. डा. अरूण कुमार, फारूखी तंजिम के पॉलिटिकल एडिटर संतोष पाठक, झारखण्ड भाजपा अल्पसंख्यक के अध्यक्ष सोना खान तथा स्कूल कि प्रिंसिपल मैडम जेबा उपस्थित थी।
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