सुप्रीम कोर्ट कर्नाटक के पूर्व मंत्री एवं खनन कारोबारी जी जनार्दन रेड्डी की बेल्लारी जाने की अनुमति के लिये दायर याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करेगा। करोड़ों रुपए के अवैध खनन मामले के आरोपी रेड्डी ने अपने अस्वस्थ ससुर से मिलने के लिए कर्नाटक के बेल्लारी जाने की अनुमति मांगी है।
रेड्डी इस समय जमानत पर हैं और उन्होंने बेल्लारी जाने के लिये गुरुवार को कोर्ट में याचिका दायर की। न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी की अध्यक्षता वाली अवकाश पीठ ने इस याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करने पर सहमति जताई। पूर्व मंत्री ने अपनी याचिका में कहा कि उनके ससुर अस्वस्थ हैं और इस समय बेल्लारी के एक अस्पताल के आईसीयू में हैं।

उन्होंने बेल्लारी जाने के लिए कोर्ट की अनुमति मांगी क्योंकि न्यायिक आदेश के तहत उन्हें अपने गृह जिला जाने की अनुमति नहीं है। रेड्डी तीन साल से अधिक समय तक जेल में रहे थे और जनवरी 2015 में कोर्ट ने उनकी सशर्त जमानत मंजूर की थी।
कोर्ट ने जमानत इस शर्त पर मंजूर की थी कि वह अपने गृह नगर बेल्लारी और आंध्रप्रदेश के अनंतपुर और कडप्पा नहीं जाएंगे। जी जनार्दन रेड्डी और ओबलापुरम माइनिंग कंपनी (ओएमसी) के प्रबंध निदेशक उनके संबंधी बी वी श्रीनिवास रेड्डी को सीबीआई ने पांच सितंबर 2011 को बेल्लारी से गिरफ्तार किया था।
सीबीआई इन दोनों को गिरफ्तार करके हैदराबाद लायी थी। ओबलापुरम माइनिंग कंपनी पर खनन पट्टे के सीमा रेखांकन में बदलाव करने और बेल्लारी के आरक्षित वन क्षेत्र में गैरकानूनी तरीके से खनन करने का आरोप है। यह आरक्षित वन क्षेत्र कर्नाटक के बेल्लारी से लेकर आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले तक फैला हुआ है।


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