चुनाव आयोग ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव को ”शालीनता की सभी हदों को पार कर असंयमित भाषा” के इस्तेमाल के लिये फटकार लगाते हुए 31 अक्टूबर को एक दिन के लिए उपचुनाव में प्रचार करने पर रोक लगा दी। चुनाव आयोग द्वारा स्टार प्रचारक का दर्जा रद्द करने पर कांग्रेस नेता कमलनाथ ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने कहा कि “स्टार प्रचारक का न तो कोई कद है और न ही कोई पद है। मैं चुनाव आयोग के बारे में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। उन्होंने कहा कि मैं इस बारे में 10 नवंबर के बाद टिप्पणी करूंगा क्योंकि जनता अंत में सबसे ज्यादा मायने रखती है और वो सब कुछ जानती है।
बता दें कि आयोग ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ आपत्तिजनक और धमकी भरी टिप्पणी के लिये भाजपा उम्मीवादर गिरराज दनोतिया को भी नोटिस जारी किया है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश की 28 विधानसभा सीटों पर तीन नवंबर को उपचुनाव होने हैं, जिसके लिये प्रचार अभियान जारी है। एक नवंबर की शाम प्रचार थम जाएगा। चुनाव आयोग ने अपने आदेश में कहा कि वह यादव को भेजे गए नोटिस पर उनके जवाब से संतुष्ट नहीं है। आदेश में कहा गया है, ”आयोग का मानना है कि बयानों में शालीनता की सभी सीमाएं लांघते हुए असंयमित भाषा का इस्तेमाल किया गया।”
नोटिस में कहा गया है, ”लिहाजा चुनाव आयोग आपको आदर्श आचार संहिता के सामान्य आचार के प्रावधानों का उल्लंघन कर सभी सीमाएं लांघते हुए असंयमित भाषा का इस्तेमाल करने के लिये फटकार लगाता है। आपसे आशा की जाती है कि आप एक जिम्मेदार नेता की तरह चुनाव के समय इस प्रकार की अभद्रता दोबारा नहीं दिखाएंगे। ”चुनाव आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 324 में प्रदत्त अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए 31 अक्टूबर को दिनभर ”मध्य प्रदेश में कहीं भी” यादव के चुनाव प्रचार करने पर रोक लगा दी है।


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