NEET Paper Leak के साए में एक और छात्रा ने किया सुसाइड, Karnataka की 22 वर्षीय लड़की ने उठाया खौफनाक कदम

Summary :

Karnataka NEET Student Suicide: नीट यूजी 2026 पेपर लीक के बाद कई बच्चों ने दम तोड़ दिया है. इसी बीच कर्नाटक से रूह कंपा देने वाली एक घटना सामने आई है। NEET की तैयारी कर रहे 22 वर्षीय एक छात्र ने आत्महत्या कर ली है, जिससे पूरे देश में सदमे की लहर दौड़ गई है। बताया जा रहा है कि छात्रा ने 12th बोर्ड परीक्षा में 92 फीसदी अंक हासिल किए थे और 3 मई 2026 को आयोजित NEET UG की परीक्षा भी दी थी। बेटी के जाने के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। यह घटना सिर्फ एक…

Karnataka NEET Student Suicide: नीट यूजी 2026 पेपर लीक के बाद कई बच्चों ने दम तोड़ दिया है. इसी बीच कर्नाटक से रूह कंपा देने वाली एक घटना सामने आई है। NEET की तैयारी कर रहे 22 वर्षीय एक छात्र ने आत्महत्या कर ली है, जिससे पूरे देश में सदमे की लहर दौड़ गई है। बताया जा रहा है कि छात्रा ने 12th बोर्ड परीक्षा में 92 फीसदी अंक हासिल किए थे और 3 मई 2026 को आयोजित NEET UG की परीक्षा भी दी थी। बेटी के जाने के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। यह घटना सिर्फ एक छात्रा की मौत नहीं, बल्कि उस मानसिक दबाव की एक किस्सा है जिससे लाखों बच्चे गुजर रहे हैं। देश में लगातार पेपर लीक, परीक्षा विवाद और भविष्य को लेकर बढ़ती चिंता ने छात्रों और उनके अभिभावकों दोनों को मानसिक बीमार कर दिया है।

NEET Paper Leak: 22 लाख छात्रों के भविष्य पर संकट

Karnataka NEET Student Suicide (credit-sm)

बता दें कि इस साल 2026 में करीब 22 लाख बच्चों ने NEET UG परीक्षा दी थी। लेकिन पेपर लीक के आरोपों और परीक्षा प्रक्रिया पर उठते सवालों ने मेहनत करने वाले छात्रों का हौसला पूरी तरह से खत्म कर दिया है। पेपर लीक होने के बाद कई छात्रों का कहना है कि उन्होंने दिन-रात-सुबह-शाम कड़ी मेहनत की, लेकिन सिस्टम की लापरवाही ने उनकी मेहनत पर पानी फेड़ दिया है। सोशल मीडिया पर भी लोगों का गुस्सा देखने को मिला है। आखिर मेहनती छात्रों को हर बार परीक्षा घोटालों की सीढ़ियों से क्यों गुजरना पड़ता है?

NEET Scam 2026:  22 जून को फिर परीक्षा, लेकिन क्या लौटेगा बच्चों का भरोसा?

Karnataka NEET Student Suicide (credit-sm)

NTA अब 22 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित करने के लिए तैयार है। हालांकि, कई छात्र दोबारा परीक्षा कराने के इस फ़ैसले से परेशान हैं, क्योंकि इससे उनका मानसिक तनाव काफ़ी बढ़ गया है। अभिभावकों का तर्क है कि उनके बच्चों का पूरा शैक्षणिक वर्ष दाँव पर लगा हुआ है। पूरे देश में परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह से पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की मांगे ज़ोर पकड़ रही हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि किसी भी छात्र को अपनी कड़ी मेहनत और भविष्य के बारे में कभी भी किसी डर में न जीना पड़े। आख़िरकार, सवाल यही बना हुआ है: देश का युवा कब तक पेपर लीक और व्यवस्थागत अराजकता का खामियाज़ा भुगतता रहेगा?

Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।