Karnataka Politics: कर्नाटक में पिछले कई दिनों से कुर्सी की लड़ाई शुरू है। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के बाद सिद्धारमैया के अध्यक्षता में सरकार बनाई थी। तभी से यह बातें होनी शुरू हो गई थी कि मुख्यमंत्री पद को लेकर “ढाई-ढाई साल का फॉर्मूला” तय किया गया था। हालांकि, पार्टी या सिद्धारमैया ने इसे कभी खुद से आधिकारिक तौर पर स्कीकार नहीं किया, और डी.के. शिवकुमार ने भी इसपर सीधे तौर पर हामी नहीं भरी थी, लेकिन पूरी तरह इस फैसले को खारिज भी नहीं किया था। इस कारण से लंबे वक्त तक दोनों नेताओं के बीच अक्सर नोक झोंक इसी बात पर होती रही है।
Karnataka News: नए राजनीतिक फॉर्मूले की चर्चा, बिहार से तुलना (Karnataka Political Crisis)

अब मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह बात सामने आ रही है कि पार्टी एक नए समझौते पर काम करने का प्लान कर रही है। इसके मुताबिक, सीएम सिद्धारमैया को राज्यसभा भेजने की बात चल रही है, जबकि उनके बेटे यतींद्र सिद्धारमैया को प्रदेश में मंत्री बनाने की मांग तेज हो गई है। साथ ही डी.के. शिवकुमार को प्रदेश का मुखिया और सतीश जारकीहोली को पार्टी संगठन में अहम जिम्मेदारी मिलने की भी खबर तेज है।
DK Shivkumar: बिहार की राजनीति से कांग्रेस (Rahul Gandhi) ने बनाया प्लान



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