Karnataka में सत्ता की लड़ाई? सिद्धारमैया जाएंगे Rajya Sabha तो बदले में बेटे को बनाएंगे मंत्री! Bihar Formula बना Congress का नया प्लान?

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Karnataka Politics: कर्नाटक में पिछले कई दिनों से कुर्सी की लड़ाई शुरू है। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के बाद सिद्धारमैया के अध्यक्षता में सरकार बनाई थी। तभी से यह बातें होनी शुरू हो गई थी कि मुख्यमंत्री पद को लेकर “ढाई-ढाई साल का फॉर्मूला” तय किया गया था। हालांकि, पार्टी या सिद्धारमैया ने इसे कभी खुद से आधिकारिक तौर पर स्कीकार नहीं किया, और डी.के. शिवकुमार ने भी इसपर सीधे तौर पर हामी नहीं भरी थी, लेकिन पूरी तरह इस फैसले को खारिज भी नहीं किया था। इस कारण से लंबे वक्त तक दोनों नेताओं के बीच अक्सर नोक झोंक…

Karnataka Politics: कर्नाटक में पिछले कई दिनों से कुर्सी की लड़ाई शुरू है। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के बाद सिद्धारमैया के अध्यक्षता में सरकार बनाई थी। तभी से यह बातें होनी शुरू हो गई थी कि मुख्यमंत्री पद को लेकर “ढाई-ढाई साल का फॉर्मूला” तय किया गया था। हालांकि, पार्टी या सिद्धारमैया ने इसे कभी खुद से आधिकारिक तौर पर स्कीकार नहीं किया, और डी.के. शिवकुमार ने भी इसपर सीधे तौर पर हामी नहीं भरी थी, लेकिन पूरी तरह इस फैसले को खारिज भी नहीं किया था। इस कारण से लंबे वक्त तक दोनों नेताओं के बीच अक्सर नोक झोंक इसी बात पर होती रही है।

Karnataka News: नए राजनीतिक फॉर्मूले की चर्चा, बिहार से तुलना (Karnataka Political Crisis)

Karnataka Politics (CREDIT-SM)

अब मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह बात सामने आ रही है कि पार्टी एक नए समझौते पर काम करने का प्लान कर रही है। इसके मुताबिक, सीएम सिद्धारमैया को राज्यसभा भेजने की बात चल रही है, जबकि उनके बेटे यतींद्र सिद्धारमैया को प्रदेश में मंत्री बनाने की मांग तेज हो गई है। साथ ही डी.के. शिवकुमार को प्रदेश का मुखिया और सतीश जारकीहोली को पार्टी संगठन में अहम जिम्मेदारी मिलने की भी खबर तेज है।

DK Shivkumar: बिहार की राजनीति से कांग्रेस (Rahul Gandhi) ने बनाया प्लान

Rahul Gandhi (CREDIT-SM)

इस मामले को बिहार की राजनीति से भी जोड़ा जा रहा है, जहां सत्ता और पद के लिए लड़ाई इतनी बढ़ गई थी कि मुख्यमंत्री को अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ी और राज्यसभा जाना पड़ा; इसके बाद, उस पद पर किसी अन्य नेता को बिठाया गया, और बदले में, मुख्यमंत्री के बेटे को सरकार में मंत्री पद दिया गया। ठीक ऐसी ही स्थिति अब कर्नाटक में भी देखने को मिल रही है। हालांकि, कर्नाटक में अभी तक कांग्रेस की तरफ से इस तरह के किसी भी फॉर्मूले पर आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन दिल्ली और बेंगलुरु में हुई लेवल बैठकों और बढ़ती राजनीतिक हलचल से चर्चा तेज हो गई है कि कुछ बड़ा हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो कल (गुरुवार) को सीएम सिद्धारमैया अपने पद से इस्तीफा भी दे सकते हैं।

Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।