पुलिस ने एक स्थानीय माकपा नेता की हत्या में शामिल आठ में से दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। इसको लेकर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दो आरोपियों को सोमवार रात हिरासत में ले लिया गया है। उनसे 14 अगस्त की रात को माकपा स्थानीय समिति के सदस्य शाहजहां की हत्या किए जाने के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
वही, अधिकारी ने कहा, ‘‘ अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। हमने सभी आरोपियों की पहचान कर ली है। कई दल उनकी तलाश में जुटे हैं।’’ इस बीच, पीड़ित परिवार ने पत्रकारों को बताया कि स्थानीय समिति में शाहजहां के एक सीट पर जीत दर्ज करने से नाखुश आरोपियों ने उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। परिवार के एक सदस्य ने बताया कि उसके बाद उन्होंने पार्टी की गतिविधियों में हिस्सा नहीं लिया। शाहजहां को जान से मारने की धमकी भी दी गई।
सीएम ने की घटना की निंदा
बता दें, परिवार के एक अन्य सदस्य ने बताया कि हत्या एक साजिश के तहत की गई और पहले उसका पैर काटा गया, जिससे कि वह भाग ना सके। परिवार ने दावा किया कि आरोपी बहुत समय पहले ही माकपा से नाता तोड़ चुके थे और हत्या की वजह राजनीतिक रंजिश ही है। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने रविवार को फेसबुक पर एक पोस्ट में माकपा के एक स्थानीय नेता की हत्या की कड़ी निंदा की।
मुख्यमंत्री विजयन ने कहा था कि राज्य में शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने वाले इस तरह के कदमों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को सजा दिलाने के लिए पुलिस को जांच में कोई कसर नहीं छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
माकपा और भाजपा एक-दूसरे पर हत्या का आरोप लगा रहे हैं। हालांकि, प्राथमिकी के अनुसार हमलावर कथित तौर पर भाजपा-आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के कार्यकर्ता थे।


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