केरल सरकार ने मादक पदार्थों के मामलों में संलिप्त लोगों के लिये सख्त सजा का प्रावधान करने को लेकर केंद्र से एनडीपीएस अधिनियम में आवश्यक संशोधन लाने का बुधवार को अनुरोध किया। यह अधिनियम किसी व्यक्ति को नार्कोटिक या नशीले पदार्थों का उत्पादन, बिक्री, खेती, पास रखने, परिवहन, भंडारण और उपभोग करने से निषिद्ध करता है।
आबकारी मंत्री टी पी रामकृष्णन ने विधानसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि राज्य ने ‘नार्कोटिक ड्रग ऐंड साइकोट्रोपिक सब्सटांसेज’ (एनडीपीएस) अधिनियम में संशोधन का अनुरोध करते हुए केंद्र को पत्र भेजा है और संबद्ध केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात भी की है।
उन्होंने कहा, ‘‘मौजूदा एनडीपीएस अधिनियम में कई सीमाएं हैं। यही कारण है कि हमने केंद्र से अधिनियम में संशोधन करने को कहा है। हम चाहते हैं कि नशीले पदार्थ रखने वालों को अधिकतम सजा मिले।’’
मंत्री ने कहा कि उस स्थिति को खत्म किया जाना चाहिए, जिसमें दोषी व्यक्ति को आसानी से जमानत मिल जाती है। रामकृष्णन ने कहा कि राज्य में तीन साल पहले माकपा नीत एलडीएफ सरकार के सत्ता में आने के बाद से इस अधिनियम के तहत 21,363 मामले दर्ज किये गये हैं। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत यूडीएफ सरकार के पांच साल के शासन के दौरान 4,880 मामले दर्ज किये गये थे।


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