मणिपुर के नोनी जिले में एक रेलवे निर्माण स्थल पर हुए भीषण भूस्खलन में दो लोगों की मौत हो गई और स्थानीय लोगों तथा सेना के जवानों समेत दर्जनों लोग लापता हो गए हैं।
50 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका
अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक यह घटना बुधवार रात टुपुल यार्ड रेलवे निर्माण शिविर में हुई।उन्होंने बताया कि दो लोगों के शवों को निकाल लिया गया है और करीब 50 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। बचाव अभियान जारी है।
मलबे के कारण इजेई नदी को किया गया अवरूध्द
भूस्खलन के कारण बड़े पैमाने पर मलबे ने इजेई नदी को अवरुद्ध कर दिया है, जिससे एक जलाशय बन गया है जो निचले इलाकों को जलमग्न कर सकता है। नोनी जिले के उपायुक्त द्वारा जारी एक परामर्श में कहा गया है, “टुपुल यार्ड रेलवे निर्माण शिविर में भूस्खलन के कारण हुए दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में दो लोगों की मौत हो गयी है और कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। भूस्खलन के कारण बड़े पैमाने पर मलबे ने इजेई नदी को अवरुद्ध कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप एक जलाशय बन गया है जो नोनी जिला मुख्यालय के निचले इलाकों को जलमग्न कर सकता है।”
राजमार्ग -37 पर लोगों को यात्रा ना करने की सलाह
प्रशासन ने इन इलाकों में रहने वाले लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी है। कई स्थानों पर सड़कों के अवरुद्ध होने के कारण लोगों को राष्ट्रीय राजमार्ग-37 की यात्रा नहीं करने की सलाह दी है।मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह ने स्थिति का जायजा लेने के लिए एक आपात बैठक बुलाई है।
भूस्खलन की घटना पर सीएम एन बिरेन ने किया ट्वीट
एन बिरेन सिंह ने ट्वीट किया, “ टुपुल में हुई भूस्खलन की घटना का आकलन करने के लिए आज एक आपातकालीन बैठक बुलाई गई। खोज और बचाव अभियान पहले से ही चल रहा है। मृतकों और लापता लोगों के लिए प्रार्थना करें। बचाव अभियान में सहायता के लिए डॉक्टरों के साथ एम्बुलेंस भी भेजी गई हैं।”
केंद्रिय सुरक्षा बचाव दल आपदा में शामिल होने जा रहा हैं
मणिपुर के राज्यपाल एल गणेशन ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया और कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा राहत बल (एसडीआरएफ) के जवान बचाव अभियान में शामिल होने जा रहे हैं।


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