महाराष्ट्र में चल रही राजनीतिक उठा – पटक के बीच , अपने बातो को बेबाकी से रखने वाले केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने जो अपना बयान दिया है वो उत्तरप्रदेश और बिहार के गैर भाजपा नेताओ की नींद उड़ा सकती है या फिर नाराज नेताओ को पार्टी फिर से बांध सकती है। महाराष्ट्र में पहले शिव सेना और अब राष्ट्रीयवादी कांग्रेस पार्टी में जो रस्साकसी चल रही है वो जेडीयू और समाजवादी पार्टी में भी हो सकती है। एनसीपी और समाजवादी पार्टी में एक बात की समानता है दोनों पार्टी में चाचा भतीजे है और सपा में चाचा – भतीजे की कलह किसी से नहीं छिपी ।
जेडीयू और सपा के नेता पार्टी से चल रहे नाराज
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि ऐसी ही स्थिति उत्तर प्रदेश और बिहार में भी पैदा हो सकती है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की जेडीयू और अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी के कुछ विधायक अपनी-अपनी पार्टी से नाराज हैं।
अठावले ने कहा बिहार में भी जल्द ही ऐसी ही स्थिति (जैसे वर्तमान में महाराष्ट्र में) पैदा हो सकती है क्योंकि जेडीयू के कुछ विधायक नीतीश कुमार से नाराज हैं।अठावले ने कहा, “उत्तर प्रदेश में जयंत चौधरी एनडीए में शामिल हो सकते हैं क्योंकि वह फिलहाल समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव से नाराज हैं। संभावना है कि सपा के विधायकों के बीच मतभेद पैदा हो जाएं।
रांकपा नेता अजित पवार ने उपमुख़्यमंत्री पद की शपथ ली
अठावले का यह बयान ऐसे समय में आया जब रांकपा नेता अजित पवार ने उपमुख़्यमंत्री पद की शपथ ली , वाक्य यह घटना चौकाने वाली और नाटकीय राजनीतिक फैसला था। लेकिन इससे अगले साल महाराष्ट्र में लोकसभा और विधानसभा चुनावो से पहले राजनितिक प्रभाव पड़ेगा और इसका असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ेगा।


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