महाराष्ट्र : यशोमति ठाकुर ने कोरोना की रोकथाम के लिए अमरावती में आजमाए गए तरीके की सराहना की

Summary :

महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ने के बीच फरवरी के अंतिम सप्ताह के दौरान अमरावती में जनता कर्फ्यू की तर्ज पर लॉकडाउन लागू करने के निर्णय से इस जिले में अन्य जिलों के मुकाबले हालात काबू करना ज्यादा आसान साबित हुआ।

महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ने के बीच फरवरी के अंतिम सप्ताह के दौरान अमरावती में जनता कर्फ्यू की तर्ज पर लॉकडाउन लागू करने के निर्णय से इस जिले में अन्य जिलों के मुकाबले हालात काबू करना ज्यादा आसान साबित हुआ।
जिला प्रभारी मंत्री यशोमति ठाकुर ने सोमवार को यह बात कही। राज्य सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री ठाकुर ने कहा कि शुरुआत में ही ”अमरावती पैटर्न” को राज्यभर में लागू किया जाता तो महाराष्ट्र में कोरोना वायरस की परिस्थितियां वर्तमान से काफी अलग होतीं।
उन्होंने कहा कि जब फरवरी में 1000 से 1200 मामले तेजी से सामने आने लगे, तब व्यापक प्रतिबंध लागू करने का ठोस निर्णय लिया गया। ठाकुर ने दावा किया, ” विपक्ष की आलोचना के बावजूद हमने 26 फरवरी को लॉकडाउन लागू करने का ठोस निर्णय लिया।
हमने जनता कर्फ्यू की तर्ज पर सप्ताहांत लॉकडाउन से शुरुआत की। इसके बाद 10-12 दिन हमने संपूर्ण लॉकडाउन लगाया, जिसमें आवश्यक सेवाओं को छूट दी गई।” मंत्री ने कहा कि संक्रमण की दूसरी लहर की आशंका के बीच अमरावती ऐसा पहला जिला था, जहां ऐसा कदम उठाया गया।
उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे हालात कुछ सामान्य होने के बाद दुकानों को शाम पांच बजे तक खोलने की अनुमति दी गई और जिले में प्रतिदिन पांच हजार लोगों का टीकाकरण करने जैसे कदम उठाए गए। ठाकुर ने कहा कि इन कदमों के चलते 13 दिनों में नए मामलों की संख्या को करीब 1,000 के मुकाबले 300 तक लाने में सफलता मिली।

Desk Team