पश्चिम बंगाल में नौकरशाही में बड़ा फेरबदल किया गया है। दार्जिलिंग के जिलाधिकारी पूनमबालम एस को भूमि एवं भूमि सुधार विभाग में संयुक्त सचिव बनाया गया है और शशांक सेठी उनकी जगह लेंगे। एक अधिसूचना में कहा गया है कि सेठी पहले पश्चिम बंगाल कृषि विपणन निगम में प्रबंधक निदेशक और सार्वजनिक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग विभाग में परियोजना निर्देशक थे।
संयोग से, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ से मुलाकात के कुछ घंटों के बाद ही दार्जिलिंग के जिलाधिकारी का तबादला किया गया है। धनखड़ फिलहाल पहाड़ों की महीने भर लंबी यात्रा पर हैं। सरकारी सूत्रों ने बताया कि यह एक नियमित स्थानांतरण है।
उन्होंने बताया कि प्रशासनिक फेरबदल से वे अधिकारी प्रभावित हुए हैं जो किसी पद पर करीब तीन साल या इससे ज्यादा समय से काबिज थे। यह चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक किया गया है। एक हफ्ते बाद आयोग बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव के संबंध में चर्चा करने के लिए सर्वदलीय बैठक करेगा। इससे पहले नौकरशाही में यह फेरबदल किया गया है।
सोमवार को जारी अधिसूचना के मुताबिक, पश्चिम बंगाल औद्योगिक विकास निगम के कार्यकारी निदेशक सुमित गुप्त को उत्तर 24 परगना का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। मोहम्मद ई रहमान को पूर्व बर्धमान जिले में जिलाधिकारी के तौर पर तैनाती दी गई है। अभिजीत मुखोपाध्याय को पुरुलिया का जिलाधिकारी बनाया गया है।
इसी तरह से पार्थ घोष को नादिया का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि मौमिता गौडरा बसु को जलपाईगुड़ी में जिलाधिकारी के पद पर तैनाती दी गई है। नादिया के पूर्व जिलाधिकारी विभू गोयल पूर्व मेदिनीपुर में घोष का स्थान लेंगे।
जलपाईगुड़ी के जिलाधिकारी अभिषेक कुमार तिवारी को राज्य के उच्च शिक्षा विभाग में संयुक्त सचिव पद पर तैनाती दी गई है। उत्तर 24 परगना की जिलाधिकारी चैताली चक्रवर्ती को गृह विभाग में विशेष सचिव नियुक्त किया गया है। इसके अलावा कई अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।


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