हरिद्वार : मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड त्रिवेंद्र सिंह रावत सप्तऋषि आश्रम हरिद्वार में शुरू होने वाले भारत माता आराधना महायज्ञ के भूमि पूजन कार्यक्रम में पहुंचे। उनके साथ कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने भी यज्ञ से पूर्व भूमि पूजन किया। भारत माता मंदिर ट्रस्ट के संस्थापक स्वामी सत्यमित्रतानंद गिरि ने अनेक व्यवस्तताओं के बावजूद कार्यक्रम में निर्धारित समय पर पहुंचने पर मुख्यमंत्री की प्रशंसा की।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए रावत ने कहा कि हम अपने देश को भारत माता कहकर सम्बोधित करते हैं, जो हमें इस राष्ट्र का पुत्र होने का एहसास करता है, अर्थात राष्ट्र सभी के लिए सर्वोपरी है। यदि राष्ट्र नहीं तो व्यक्ति नहीं। व्यक्ति को स्वयं की मान्यता और रक्षा के लिए राष्ट्र की रक्षा और मान्यता को पहले स्वीकार करना चाहिए और राष्ट्र की आराधना करनी चाहिए।
विश्वभर में अनेक विशाल देश हैं, जिनको समय के साथ मिटना क्योंकि वो राष्ट्र अपनी संस्कृति का संरक्षण नहीं कर सके। भारत की मजबूत व्यापक सनातन संस्कृति के कारण भारत निरंतर आदि काल से अपना अस्तित्व विश्व में स्थापित किये हुए है अर्थात व्यक्ति संरक्षण नहीं राष्ट्र संरक्षण हमारी परम्परा रही है।
इस अवसर पर देशराज कर्णवाल, जयपाल चौहान, मनोज गर्ग, हरिचेतनानंद महाराज, मानवेद्रं सिंह चौधरी, सुरेश केड़िया, श्रीमती कमलेश सिंहल, अन्नू कक्कड़, विकास तिवारी, नरेश शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
भारत के लिए सुख शांति की प्रार्थना की
भारत की सनातन संस्कृति का महत्वपूर्ण रक्षक हमारी सन्यास और संत परम्परा है, जिसके कारण सभी समय- समय पर इनसे मार्गदर्शन लेकर अपनी संस्कृति को संजोय रखने का प्रयास करता है।
त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भारतमाता की आराधना के लिए महायज्ञ का आयोजन किये जाने के विचार की प्रशंसा की तथा सम्पूर्ण भारत के लिए सुख शांति की प्रार्थना कर खुशहाल भारत के यज्ञ में राज्य सरकार की आहुति का अवसर मिलने पर आभार प्रकट किया।
– संजय चौहान


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