आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में हुई गैस रिसाव की घटना पर राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने शुक्रवार को संज्ञान लेते हुए केंद्र, दक्षिण कोरियाई कंपनी एलजी पॉलिमर और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा हैं।
गुरुवार को हुई इस घटना में 12 लोगों की मौत हो गई थी, वहीं 300 से अधिक लोगों को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। जिनमें से कई की हालत गंभीर बनी हुई है। आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम जिले के बाहरी इलाके में एक रासायनिक संयंत्र से जहरीली स्टाइरीन गैस लीक हो गई थी, जिसके चलते कुल पांच गांव प्रभावित हुए हैं।
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गैस लीक के बाद सड़क किनारे और नालों के पास लोग बेहोशी की हालत में पड़े मिले जिससे बड़ी औद्योगिक आपदा के अंदेशे को बढ़ा दिया है। गैस का व्यापक असर मवेशी और परिंदे पर भी पड़ा। वेंकेटपुरम गांव में स्थित एलजी पॉलिमर्स लिमिटेड के प्लांट से जहरीली गैस के रिसाव के यह घटना हुई।
प्लांट के आसपास के 5 गांव से करीब 250 परिवारों को निकाला गया। वहीं कंपनी के कंपाउंड से 500 लोगों को निकाला गया। एक दशक पुरानी भोपाल त्रासदी की याद दिलाने वाली इस दुर्घटना की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति के गठन की मांग को लेकर भी एक याचिका दायर की गई है।


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