भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्थानीय निकाय चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण को निरस्त किए जाने के लिए महाराष्ट्र सरकार की लापरवाही जिम्मेदार है। उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस सरकार मुद्दे को लेकर ‘‘कभी गंभीर नहीं थी।’’
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय ने स्थानीय निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण को निरस्त कर दिया। राज्य सरकार की पुनरीक्षण याचिका खारिज की जा चुकी है।’’ फडणवीस ने कहा, ‘‘यह सब मुद्दे पर राज्य सरकार की अक्षम्य लापरवाही की वजह से हुआ। महा विकास अघाडी सरकार मुद्दे को लेकर कभी गंभीर नहीं थी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सुप्रीम कोर्ट ने एक सुनवाई में कहा था कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की स्थापना करे और अनुभवसिद्ध आंकड़ा पेश करे जो आरक्षण को उचित ठहराता। हालांकि, राज्य सरकार ने कुछ नहीं किया।’’ वहीं, प्रदेश कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले ने आंकड़ा ‘उपलब्ध न कराने’ के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा, ‘‘‘सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण के समर्थन में केंद्र से आंकड़ा पेश करने को कहा था। केंद्र ने जानबूझकर यह पेश नहीं किया, इसलिए आरक्षण निरस्त कर दिया गया। केंद्र ओबीसी के खिलाफ है।’’


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