गिरिडीह : झारखंड में नक्सलियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस ने अपनी मुहिम तेज करते हुये कट्टर इनामी उग्रवादियों की गिरफ्तारी में जुट गई है। गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र झा ने आज यहां बताया कि पुलिस ने गंभीर रणनीति के तहत नक्सलियों को घेरना शुरू कर दिया है। इस दिशा में एक करोड़ रुपये के इनामी कट्टर नक्सली प्रशांत बॉस, 25 लाख रुपये के इनामी अजय महतो समेत छह से अधिक प्रतिबंधित संगठन भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा-माओवादी) के खूंखार सदस्य पुलिस की राडार पर हैं।
श्री झा ने बताया कि गिरिडीह पुलिस जीरो टॉलरेंस की रणनीति बनाते हुए पारसनाथ पहाड़ पर विशेष सर्च अभियान चला रही है। अब ऐसे नक्सलीयों की सम्पति जब्त करने की कवायद तेज हो गयी है, जिनका जंगलों में खूब चलती है।उन्होंने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। गिरिडीह न्यायालय में भी नक्सलियों के खिलाफ चल रहे मुकदमे में ताबड़तोड़ आरोप-पत्र दाखिल किये जा रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि न्यायालय ने भी भाकपा माओवादी की सेंट्रल कमेटी के सदस्य प्रशांत बॉस, मिसिर बेसरा, रीजनल कमांडर अजय महतो, रामदयाल महतो, दीपचंद महतो, नुनूचन्द महतो, सहदेव मांझी एवं प्रशांत मांझी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। श्री झा ने कहा कि नक्सली आतंक के कलंक को मिटाकर गिरडीह को 1980 के दशक जैसी पहचान दिलानी है ताकि जिले में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे। उल्लेखनीय है कि झारखंड के पुलिस महानिदेशक डी.के.पांडेय ने अभी हाल ही में चेतावनी देते हुए कहा था कि नक्सलियों के सामने अब एक ही रास्ता शेष बचा है कि वे या तो सरकार की नीतियों का लाभ उठाकर स्वेच्छा से आत्समर्पण कर दें या पुलिस का सामना करने के लिए तैयार रहें।


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