केरल में विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी को झटका लगा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री पीसी थॉमस के नेतृत्व वाली राज्य कांग्रेस ने बुधवार को खुद को एनडीए से अलग कर लिया है। थॉमस ने एनडीए पर छह अप्रैल को होने वाले चुनावों के लिए सीटों के आवंटन में उनकी पार्टी को नजरअंदाज किए जाने का आरोप लगाया।
थॉमस के नेतृत्व वाला दल वरिष्ठ नेता पी जे जोसेफ के नेतृत्व वाली केरल कांग्रेस से हाथ मिलाएगा जो कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ का एक घटक दल है। थॉमस 2004 के लोकसभा चुनाव में मुवाट्टुपुझा सीट से एनडीए की टिकट पर सांसद बने थे।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में मंत्री रहे केरल कांग्रेस के नेता ने कहा कि उनकी पार्टी को 2016 के विधानसभा चुनाव में चार सीटें दी गई थीं लेकिन इस बार एक भी सीट नहीं दी गई। थॉमस ने कहा कि बीजेपी नेतृत्व ने उन्हें पाला विधानसभा सीट दी थी लेकिन उन्होंने निजी कारणों से इसे स्वीकार नहीं किया।
जोसेफ के नेतृत्व वाली केरल कांग्रेस ने कहा कि दोनों पार्टियों का आज विलय होगा। उसने कहा कि थॉमस पार्टी के अध्यक्ष और नेता के तौर पर पी जे जोसेफ को स्वीकार करने पर राजी हो गए हैं।


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