गोवा में खनन क्षेत्र पर निर्भर लोगों के एक संगठन गोवा माइनिंग पीपुल्स फ्रंट (जीएमपीएफ) ने अगले महीने यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के समय विरोध करने का फैसला किया है। संगठन के प्रमुख पुती गांवकर ने यह जानकारी दी। कई महीनों से प्रदर्शन कर रहा जीएमपीएफ अब गोवा में खनन अभियानों को फिर से शुरू करने के लिए खनन कानूनों में संशोधन की मांग कर रहा है।
तटीय राज्य में खनन पर इस साल मार्च में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद रोक लगाई गई। सुप्रीम कोर्ट ने 88 खनन पट्टों को रद्द कर दिया और लौह अयस्क के खनन पर प्रतिबंध लगा दिया। प्रधानमंत्री मोदी के मंडोवी नदी पर तीसरे पुल का उद्घाटन करने के लिए जनवरी के पहले सप्ताह में राज्य के दौरे पर आने की संभावना है।
गांवकर ने गुरुवार को पत्रकारों से कहा, ‘‘हमारे पास कोई और विकल्प नहीं है। हम मांग कर रहे हैं कि खनन उद्योग को जल्द से जल्द शुरू किया जाए लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं दिखा।’’ उन्होंने कहा कि विरोध-प्रदर्शन के तहत जीएमपीएफ सदस्य प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान काले झंडे दिखाएंगे।


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