देहरादून : लोकसभा चुनाव आचार संहिता से चारधाम यात्रा की तैयारियां लटक गई हैं। यात्रा को महज 20 दिन शेष हैं। ऐसे में बजट से लेकर प्लान कब बनेगा, इस पर अभी कोई बात नहीं हुई है। खासकर डेढ़ माह की यात्रा के बाद बरसात का सीजन भी एक बड़ी चुनौती है। इससे चारधाम यात्रा पर भी असर पड़ेगा। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही सात मई से चारधाम यात्रा शुरू होगी। इससे पहले चारों धाम में सड़क, बिजली, पानी, पार्किंग, स्वास्थ्य और संचार जैसी जरूरी सुविधाएं धामों और पड़ाव में जुटाई जानी हैं।
मगर, इस बार यात्रा से पहले आचार संहिता लग गई। एक माह से अफसर चुनाव तैयारी में जुटे रहे। अब भी सवा माह का समय मतगणना के इंतजार में जाएगा। इस बीच चारधाम यात्रा शुरू होगी। लेकिन चारों धाम में प्रशासन की तरफ से कोई व्यवस्थाएं नहीं की गई। खासकर धामों में बर्फबारी से हुए नुकसान का आकलन तक भी नहीं हुआ। इसके अलावा धामों तक जाने वाली सड़कों का सुधार कार्य तो दूर निरीक्षण और सर्वे तक नहीं हुआ।
इससे धामों में व्यवस्थाएं कब जुटेंगे, अंदाजा लगाया जा सकता है। चारधाम से जुड़े जिलों के अधिकारी मतदान के बाद थकान उतारने में लगे हैं। ऐसे में चारों धाम में कब सुविधाएं जुटेंगी, इस पर कोई भी कुछ बोलने की स्थिति में नहीं है। बहरहाल इस बार चारधाम यात्रा की तैयारी धरातल पर जुटाने में अफसरों को खूब पसीना बहाना होगा। अन्यथा यात्रा अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ जाएगी।


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