राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठतम प्रचारक पी. परमेश्वरन का 91 की उम्र में शनिवार देर रात निधन हो गया। उनका ‘भारतीय विचार केंद्रम्’ के संस्थापक का केरल के पलक्कड़ जिले के ओट्टाप्पलम में आयुर्वेदिक उपचार चल रहा था जहां उन्होंने देर रात 12 बजकर 10 मिनट पर अंतिम सांस ली। परमेश्वरन पूर्ववर्ती भारतीय जन संघ के नेता भी रह चुके थे।
सम्मानित RSS विचारक के साथ एक बेहतरीन लेखक और कवि भी थे परमेश्वरन
परमेश्वरन एक बेहतरीन लेखक, कवि, अनुसंधानकर्ता और सम्मानित आरएसएस विचारक थे। उन्होंने भारतीय जन संघ के सचिव (1967-1971) और उपाध्यक्ष (1971-1977) के अलावा नयी दिल्ली स्थित दीनदयाल अनुसंधान संस्थान के निदेशक (1977-1982) के तौर पर भी सेवाएं दीं।
जन संघ के दिनों में दीनदयाल उपाध्याय, अटल बिहारी वाजपेयी और एल. के. आडवाणी जैसे नेताओं के साथ काम कर चुके परमेश्वरन को देश के दूसरे सबसे बड़े असैन्य सम्मान पद्म विभूषण से साल 2018 में और पद्म श्री से साल 2004 में नवाजा गया था।
परमेश्वरन का जन्म 1927 में अलप्पुझा जिले के मुहम्मा में हुआ था। वह आरएसएस के साथ तभी जुड़ गए थे, जब वह छात्र थे। परमेश्वरन ने आपातकाल के दौरान इसके खिलाफ सत्याग्रह में भाग लिया था और इसी कारण वह 16 महीने जेल में भी रहे थे।
उन्होंने ‘‘केरलवासियों में राष्ट्रवाद को बढ़ावा देने के लिए’’ 1982 में ‘भारतीय विचार केंद्रम्’ की स्थापना की थी। सूत्रों ने बताया कि उनके पार्थिव देह को रविवार सुबह कोच्चि में आरएसएस मुख्यालय लाया जाएगा जहां लोग उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देंगे और उनका अंतिम संस्कार शाम को मुहम्मा में किया जाएगा।


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