भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने पालघर में अप्रैल में दो साधुओं और उनके चालक की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर की हत्या के मामले को लोकसभा में एक बार फिर से उठाया। साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि दोनों साधु के साथ चालक की हत्या कोई हादसा नहीं बल्कि सोची समझी साजिश है। जिसकी CBI जांच होनी चाहिए।
साध्वी प्रज्ञा ने शून्यकाल में इस विषय को उठाते हुए कहा कि पता लगाया जाना चाहिए कि वहां कोरोना वायरस महामारी के समय में भीड़ क्यों एकत्रित थी और निर्दोष साधुओं को क्यों मार दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस जगह यह घटना घटी, उस क्षेत्र में माकपा के लोगों का दबदबा है और पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आई हैं।
बता दें कि पालघर के गडचिंचले गांव में 16 अप्रैल को लिंचिंग की घटना हुई थी। दो साधु अपने ड्राइवर के साथ मुंबई से सूरत के लिए जा रहे थे। तभी गांव में लोगों की भीड़ ने साधुओं को रोक लिया और पीट-पीट कर हत्या कर दी। गांव वालों ने सोचा की वे तीनों लोग बच्चा चोर हैं।
घटनास्थल पर पुलिस की मौजूदगी के बावजूद लोगों ने साधुओं को पीटना बंद नहीं किया था। पालघर में दो साधुओं की हत्या के मामले में महाराष्ट्र पुलिस ने बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया था, जिसमें महाराष्ट्र पुलिस ने सीबीआई जांच की मांग का विरोध किया था। पुलिस ने कहा था कि याचिका खारिज करने के साथ याचिकाकर्ता पर जुर्माना भी लगाया जाना चाहिए।


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