MP : फ्लोर टेस्ट पर राज्यपाल के आदेश को SC ने ठहराया सही, कांग्रेस की याचिका हुई खारिज

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जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि राज्यपाल फ्लोर टेस्ट के आदेश देने में सही थे और यह जरूरी था क्योंकि सरकार बहुमत खो चुकी थी।

देशभर में कोरोना वायरस (कोविड-19) का कहर जारी है इस बीच सुप्रीम कोर्ट वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिए अपना फैसला सुना रही है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मध्य प्रदेश कांग्रेस के तरफ से दायर उस याचिका को ख़ारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि राज्यपाल फ्लोर टेस्ट का आदेश नहीं दे सकते हैं। 
मध्य प्रदेश सरकार गठन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि राज्यपाल  मुख्यमंत्री को बहुमत दिखाने के लिए कह सकता है अगर उनके पास ऐसा करने के लिए कोई विशेष कारण हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्यपाल इस शक्ति का प्रयोग विधानसभा के दौरान भी कर सकते हैं।

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जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि राज्यपाल फ्लोर टेस्ट के आदेश देने में सही थे और यह जरूरी था क्योंकि सरकार बहुमत खो चुकी थी। बता दें कि प्रदेश के गवर्नर लालजी टंडन ने सियासी उठापटक के बीच विधानसभा में फ्लोर टेस्ट का आदेश दिया था लेकिन बहुमत साबित करने सी पहली ही कमलनाथ ने अपना इस्तीफा सौंप दिया था। जिसके बाद शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली।

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