चमोली जिले के जोशीमठ में एक ग्लेशियर के फटने से आई बाढ़ के बाद उत्तराखंड हाई अलर्ट पर है। सोमवार को वैज्ञानिकों का एक दल देहरादून से जोशीमठ क्षेत्र के लिए रवाना हुआ। डीआरडीओ के ‘बर्फ और हिमस्खलन अध्ययन प्रतिष्ठान (एसएएसई)’ के वैज्ञानिक रविवार रात को हवाई मार्ग से उत्तराखंड की राजधानी पहुंचे थे।
गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने सोमवार को कहा, “डीआरडीओ-एसएएसई के वैज्ञानिकों का एक दल बीती रात देहरादून के लिए विमान से रवाना हुआ था। अब यह दल निरीक्षण करने और प्राथमिक जानकारी एकत्रित करने के लिए जोशीमठ इलाके के लिए निकल रहा है।” रविवार को उत्तराखंड के चमोली जिले में नंदा देवी ग्लेशियर का एक भाग टूट गया था जिससे अलकनंदा नदी में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई थी।
इस घटना में पनबिजली परियोजनाओं को नुकसान हुआ और कम से कम दस लोगों की मौत हो गई तथा 143 लापता हैं। उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा था कि रैणी और तपोवन में दो पनबिजली परियोजनाओं में काम करने वाले 153 लोग लापता हैं, जिनमें से 14 के शव बरामद हुए हैं।


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