हरिद्वार, संजय चौहान (पंजाब केसरी)ः अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच के लिए गठित की गई एसआईटी की जांच जारी है। फॉरेंसिक टीम एक बार फिर वनंत्रा रिजॉर्ट पहुंची है। फॉरेंसिक टीम दोबारा यहां पर सबूतों को इकट्ठा करेगी। इससे पहले वनंत्रा रिजॉर्ट को तोड़े जाने से पहले भी फॉरेंसिक टीम ने सबूत इकट्ठे किए थे। एसआईटी प्रभारी डीआईजी पी रेणुका देवी का कहना है कि फॉरेंसिक जांच में इस्तेमाल होने वाले सभी सबूत सुरक्षित हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अंकिता भंडारी उत्तराखंड की बेटी है। इस मामले में शासन प्रशासन की ओर से कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। वनंत्रा रिजॉर्ट में सभी सबूत सुरक्षित हैं। उन्होंने डीआईजी लेवल के अधिकारियों की एसआईटी गठित की है। उनको विश्वास है कि एसआईटी इस मामले में जल्द ही अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। इसके बाद पुलिस दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का काम करेगी।
बता दें, पूरे मामले की जांच अब एसआईटी कर रही है। तीन दिन पूर्व जेसीबी से रिजॉर्ट के मुख्य भाग और अंकिता के कमरे को किसी अज्ञात ने तोड़ दिया था, जिससे ऐसा कहा गया कि कमरे में मिलने वाले साक्ष्य नष्ट हो गए। आज एसआईटी बारीकी से जांच करेगी। इस पूरे मामले में पटवारी की भूमिका भी संदिग्ध लग रही है। घटना के बाद से पटवारी छुट्टी पर है। उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ है। स्थानीय लोग पटवारी और आरोपियों की मिलीभगत का आरोप लगा रहे हैं।
दरअसल अंकिता भंडारी बीजेपी नेता विनोद आर्य के बेटे पुलकित आर्य के इसी वनंत्रा रिजॉर्ट में काम करती थी। अंकिता इस रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थी। आरोप है कि रिजॉर्ट में गलत गतिविधियां होती थीं। अंकिता पर भी जब गलत गतिविधियों में शामिल होने का दबाव डाला गया तो उसने विरोध किया। इसलिए पुलकित ने उसे रास्ते से हटा दिया।


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