तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने मंगलवार को घोषणा की कि वह वैज्ञानिक रूप से अनुमोदित कोविड-19 टीके के वितरण की कार्य योजना के साथ तैयार हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि इसको वितरित करने से पहले इसके कोई दुष्प्रभाव ना हो इसकी पूर्णत: जांच की जानी चाहिए।
राव के कार्यालय की ओर से जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को सभी मुख्यमंत्रियों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने टीके के वितरण के संबंध में चर्चा की। राव ने वीडियो कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘ लोग बेसब्री से टीके का इंतजार कर रहे हैं।
कोविड-19 का वैज्ञानिक रूप से अनुमोदित टीका समय की मांग है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ तेलंगाना राज्य सरकार प्राथमिकता के आधार पर टीके को लोगों में बांटने और उसके उचित रख-रखाव को तैयार है। इस आधार पर ही हमने इसकी एक कार्य-योजना भी तैयार की है।’’
राव ने कहा, ‘‘ हालांकि, टीके का कोई दुष्प्रभाव नहीं हो, इस बात पर भी ध्यान देना होगा।’’ उन्होंने कहा कि देश में अलग-अलग मौसम और जलवायु परिस्थितियां हैं और वायरस ने भी समान रूप से देश को प्रभावित नहीं किया। इसलिए टीके के भी अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसलिए सभी को दिए जाने से पहले टीके की प्रभावशीलता और उसके दुष्प्रभाव का आकलन किया जाना चाहिए। वीडियो कॉन्फ्रेंस के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक की और उन्हें राज्य में टीके के प्रबंधन की कार्य-योजना तैयार करने और आवश्यक बुनियादी ढांचे तैयार करने का निर्देश दिया।
उन्होंने अधिकारियों को पूरे राज्य में ‘कोल्ड चेन फैसिलिटी’ की व्यवस्था करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि टीके पहले कोविड-19 यौद्धाओं और पुलिस तथा अन्य विभाग के अग्रणी कार्यकर्ताओ, 60 से अधिक उम्र के लोगों और किसी गंभीर बीमारी से संक्रमित लोगों को लगने चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में एक सूची भी तैयारी की जानी चाहिए।


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