ये मामला ओडिशा के कालाहांडी जिले के जूनागढ़ का है जहां रविवार शाम अज्ञात हमलावरों ने एक महिला, उसके नवजात बेटे और एक बुजुर्ग व्यक्ति की हत्या कर दी।
मरने वालों की पहचान जूनागढ़ पुलिस स्टेशन के अंतर्गत शंकरपल्ली गांव के रहने वाले 35 वर्षीय रायमती माझी, उनके चार साल के बेटे शिवशक्ति और 60 वर्षीय महेंद्र कुमार के रूप में की गई।
रायमती का पति कथित तौर पर अपनी चाची की हत्या के आरोप में पिछले नौ साल से भवानीपटना की जिला जेल में बंद है।
सूत्रों ने कहना है कि रायमती अपने बेटे के साथ उसी गांव में अपने भाई के घर से घर लौट रही थीं, तभी अज्ञात हमलावरों ने उनकी हत्या कर दी। दिहाड़ी मजदूर महेंद्र को सड़क किनारे मां और बेटे के शवों से लगभग 200 मीटर दूर गला कटा हुआ मृत पाया गया।
पुलिस फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड के साथ मौके पर पहुंच गई है और तीनों की जघन्य हत्या की जांच शुरू कर दी है।
रायमती की हत्या पुरानी दुश्मनी के कारण की गई होगी – पुलिस को संदेह
पुलिस को संदेह है कि रायमती की हत्या पुरानी दुश्मनी के कारण की गई होगी, जबकि आरोपियों ने महेंद्र की हत्या की, जो शायद मां-बेटे की हत्या का गवाह रहा होगा।
इससे पहले सुबह, उसी जिले के भवानीपटना इलाके में कथित तौर पर काला जादू करने और पुरानी दुश्मनी के संदेह में एक 58 वर्षीय व्यक्ति की उसके रिश्तेदारों ने बेरहमी से हत्या कर दी थी।
मृतक की पहचान भवानीपटना सदर थाने के सीकरगुडा गांव के जाला नायक के रूप में की गई।
पुलिस की पूछताछ जारी
उनके छोटे भाई प्रबेश नायक और भतीजे सहदेव और नकुल को पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
पुलिस सूत्रों ने कहा, “जाला और उसके भाई के परिवार दोनों जादू-टोना करने के आरोपों को लेकर अतीत में कई बार कड़वे झगड़े में शामिल हो चुके थे। मुख्य आरोपी सहदेव कथित तौर पर मृतक पर काले जादू के माध्यम से अपनी पत्नी की हत्या करने का आरोप लगाते हुए उससे दुश्मनी रखता था। रविवार को जाला अपने खेत पर जा रहा था, तभी वहां पहले से मौजूद सहदेव ने उस पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। बाद में वह जाला को खून से लथपथ छोड़कर मौके से भाग गया।”

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