पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता अनुब्रत मंडल ने बुधवार को कहा कि वह अपने खिलाफ कथित पशु तस्करी मामले की सुनवाई कर रहे आसनसोल की विशेष केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) अदालत के एक न्यायाधीश के खिलाफ धमकी भरे पत्र की सीबीआई से जांच चाहते हैं।आसनसोल की विशेष सीबीआई अदालत के न्यायाधीश राजेश चक्रवर्ती ने सोमवार को पश्चिम बर्धमान जिला न्यायाधीश को पत्र लिखकर अनुरोध किया कि वह इस ‘‘धमकी’’ पर गौर करें और इसे कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायिक सेवा रजिस्ट्रार के संज्ञान में लाएं।
न्यायाधीश चक्रवर्ती ने जिला न्यायाधीश को लिखा
मंडल ने धमकी भरे पत्र को लेकर पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा, ‘‘मैं न्यायाधीश से इसकी सीबीआई जांच का आदेश देने का अनुरोध करना चाहता हूं।’’न्यायाधीश चक्रवर्ती ने जिला न्यायाधीश को लिखा था कि पत्र में यह धमकी दी गई है कि अगर मंडल को जल्द जमानत पर रिहा नहीं किया गया तो उनके परिवार के सदस्यों को नशीला पदार्थ रोकथाम संबंधी कानून ‘एनडीपीएस’ के मामले में फंसाया जाएगा। इसके बाद इस पत्र को तुरंत अदालत के प्रभारी अधिकारी को भेजा गया।
जनसभा में बनर्जी मंडल के साथ दिखी
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें जमानत मिलने की उम्मीद है, टीएमसी के बीरभूम जिलाध्यक्ष ने कहा कि यह अदालत को फैसला करना है। क्या वह मुख्यमंत्री को कोई संदेश देना चाहते हैं, इस पर मंडल ने कहा, ‘‘ममता बनर्जी ने बहुत कुछ किया है।’’14 अगस्त को कोलकाता में एक जनसभा में बनर्जी मंडल के साथ दिखी थीं। उस दौरान उन्होंने लोगों से पूछा था कि उन्होंने ऐसा क्या किया है, जिसके आधार पर सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार किया है।
पशु तस्करी के मामले की जांच जारी
बनर्जी ने आरोप लगाया था कि एजेंसियों का इस्तेमाल उन्हें बदनाम करने के लिए किया जा रहा है। सीबीआई पशु तस्करी के एक मामले की जांच कर रही है, जिसके सिलसिले में उसने 11 अगस्त को मंडल समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया है, तब से मंडल सीबीआई की हिरासत में हैं।


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