पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने वर्चुअल रूप से आयोजित ‘‘ऑल इंडिया स्पीकर्स कॉन्फ्रेन्स’’ के दौरान संसदीय लोकतंत्र से जुड़े मामलों और सदन के कामकाज में राज्यपाल जगदीप धनखड़ की ‘‘अत्यधिक दखलअंदाजी’’ को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से शिकायत की है।
बनर्जी ने कहा, ‘‘मैंने लोकसभा अध्यक्ष को संसदीय लोकतंत्र और विधानसभा के कामकाज में राज्यपाल जगदीप धनखड़ की अत्यधिक दखलअंदाजी के बारे में बताया। विधानसभा द्वारा पारित होने के बावजूद कई विधेयक राज्यपाल के पास अटके हुए हैं क्योंकि उन्होंने उन पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। पश्चिम बंगाल के संसदीय लोकतंत्र के इतिहास में यह अभूतपूर्व है। ऐसी स्थिति पहले कभी पैदा नहीं हुई।’’
धनखड़ के तृणमूल कांग्रेस सरकार के साथ तनावपूर्ण संबंध रहे हैं और उन्होंने अभी तक इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। टीएमसी के वरिष्ठ नेता और विधायक तापस रॉय ने कहा, ‘‘हम लंबे समय से कहते आ रहे हैं कि मौजूदा राज्यपाल एक खास राजनीतिक दल के मुखपत्र की तरह काम कर रहे हैं। वह न केवल राज्य के मामलों में दखल दे रहे हैं बल्कि पश्चिम बंगाल सरकार की छवि भी खराब कर रहे हैं।’’
बहरहाल, भाजपा की पश्चिम बंगाल ईकाई राज्यपाल के समर्थन में आयी और उसने दावा किया कि उन्होंने सच्चाई का खुलासा किया है। भाजपा के प्रदेश प्रमुख दिलीप घोष ने कहा, ‘‘टीएमसी राज्यपाल से नाराज है क्योंकि उन्होंने राज्य में अराजक स्थिति का पर्दाफाश कर दिया है। पहले भी उनके खिलाफ शिकायतें आयी हैं लेकिन वे सभी निराधार ही थीं।’’


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