कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने और देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के उद्देश्य से भारत ने रक्षात्मक एवं चिकित्सा उपकरणों का उत्पादन तेज कर दिया है। इस बीच पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों और स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों को योजनाबद्ध तरीके से सामान्य सेवाओं को बहाल करने का निर्देश जारी किया है। उसने शुक्रवार को बताया कि इन केंद्रों में काम कर रहे चिकित्साकर्मियों की सुरक्षा और सुविधा का ध्यान रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
विभाग ने एक अधिसूचना में कहा, ‘‘ऐसी रिपोर्टें हैं कि जिन मरीजों को ब्लड ट्रांसफ्यूजन, डायलिसिस, कीमोथेरैपी, प्रसूति देखभाल, प्रसव, प्रतिरक्षा से संबंधित नियमित देखभाल की जरूरत है, वे मुश्किलों का सामना कर रहे हैं क्योंकि निजी अस्पताल और स्वास्थ्य देखभाल केंद्र कोविड-19 की चपेट में आने के डर से या तो काम नहीं कर रहे या मरीजों को वापस लौटा रहे हैं।’’
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उसने कहा, ‘‘कुछ अस्पताल मरीजों को भर्ती करने से पहले उनसे कोविड-19 संक्रमण से मुक्त होने का प्रमाणपत्र मांग रहे हैं। ऐसी स्थिति से तत्काल निपटने की आवश्यकता है।’’ इसमें कहा गया है कि निर्देशों का पालन न करने पर संबंधित स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


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