रुद्रपुर : बाल गणना स्टेयरिंग कमेटी की बैठक में जिलाधिकारी डा. नीरज खैरवाल ने कहा शिक्षा विभाग के अधिकारी व शिक्षक शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने व बच्चों के भविष्य के लिए कार्य करें। उन्होंने कहा बाल गणना में जो ड्राप आउट बच्चे चिह्नित किए जाते हैं, बाल गणना के 15 दिन के अन्दर उनका स्कूलों में दाखिला कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा बाल गणना के अन्तर्गत जनपद की प्रत्येक बस्ती मे निवासरत 06-18 आयु वर्ग के समस्त बच्चों की बाल गणना की जाए।
उन्होंने कहा बाल गणना के समय दिव्यांग बच्चों की जानकारी, आधार कार्ड व टीकाकरण की जानकारी भी ली जाए। उन्होंने कहा शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों की बाल गणना हेतु विस्तृत कार्य योजना बनाकर उसमे अमल किया जाए। उन्होंने कहा बाल गणना मे दिव्यांग बच्चों को दिव्यांगता के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित कर अंकित किया जाए। डीएम ने कहा दो किमी की परिधि में जिन विद्यालयों में छात्र संख्या कम है, स्थानीय लोगों की राय के अनुसार विद्यालयों को मर्ज करने हेतु प्रस्ताव बनाया जाएं ताकि एक ही स्थान पर बच्चों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ टीचरों की संख्या भी बढ सके। उन्होंने कहा ऐसा करने से शिक्षा के कार्यों में सुधार के साथ-साथ गुणवत्ता भी आएगी।
जिलाधिकारी ने कहा मर्ज किए हुए विद्यालय के बच्चों को शिक्षा विभाग द्वारा स्कूल को आने-जाने की व्यवस्था की जाएगी । बैठक में अपर जिलाधिकारी जगदीश चन्द्र काण्डपाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी पीएन सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी रवि मेहता, जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्र, राकेश कुमार सुमन, आशा राम, अनिल कुमार, डा. गुंजन अमरोही, कैलाश चन्द्र सक्सेना सहित अन्य लोग उपस्थित थे।


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