राज्य में शराब बंद करने के मुद्दे पर महिला आजसू के बैनर तले सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने बिरसा चौक पर धरना दिया। महिलाओं ने नारेबाजी की और सरकार को चेताया कि राजस्व के मोह से बाहर निकले तथा शराब बेचने के बजाय बंद कराये। इस मुद्दे पर सरकार और चुप्प साधती रही, तो महिला आजसू गांव-गांव में विरोध का झंडा खड़ा करेगी। महिला कार्यकर्ताओं ने घर उजड़ने से बचाएंगे, शराब बंद कराएंगे, झारखण्डी जनता करे पुकार, शराब बंद करे सरकार जैसे नारे लगाये।
धरना कार्यक्रम का नेतृत्व करते हुए रांची महिला महानगर अध्यक्ष सीमा सिंह ने कहा कि झारखंड की लाखों महिलाएं शराब के खिलाफ आवाज उठाती रही हैं और सरकार राजस्व बढ़ाने के लिये खुद शराब बेच रही है। सरकार अविलम्ब पूर्ण शराब बंदी लागू करे। महानगर महासचिव मेरी तिर्की ने कहा कि आजसू पार्टी के महाधिवेशन में पारित 29 राजनीतिक प्रस्तावों में शराब बंदी सबसे उपर और महत्वपूर्ण है। महिला इसे बंद इसलिए कराना चाहती हैं कि रोज किसी की मांग उजड़ रही है, तो किसी का गोद सूना हो रहा है।
महानगर उपाध्यक्ष प्रभा महतो ने कहा कि गांवों में तथा हाट-बाजार में हर दसवें कदम पर शराब बनती-बिकती है और सरकार कहती है कि नशामुक्त गांव को एक लाख का इनाम दिया जायेगा। यह तो वही बात हुई कि न नौ मन तेल होगा ना राधा नाचेगी। नेशनल और स्टेट हाइवे से शराब दुकानों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बंद किये जाने के बाद उसे गली-मोहल्ले और बस्ती में खोला जा रहा है।
उपाध्यक्ष माया सिंह ने कहा कि झारखंड में अपराध और महिला हिंसा की जड़ भी यही शराब है। तब भी सरकार शराब बंद करने से बच रही है। रोज किसी की मांग उजड़ रही है, तो किसी का गोद सूना हो रहा है। झगड़े-फसाद और महिला हिंसा की जड़ भी यही शराब है। धरना प्रदर्शन के अवसर पर होलिका देवी, माया सिंह, पुनम देवी, कला देवी, किरण देवी, सुनीता देवी, अंजली देवी, नीतु देवी, सावित्री देवी, रीता देवी, गीता देवी, दयावंती देवी, नीलुफर आदि बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थी।
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