एनसीबी ने अमृतसर में चार महीने के ऑपरेशन के दौरान 547 करोड़ की ड्रग्स जब्त की और 15 लोगों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई प्रधानमंत्री मोदी के ‘नशा मुक्त भारत’ के विजन के तहत की गई है। ड्रग कार्टेल के खिलाफ यह बड़ी सफलता सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने 547 करोड़ रुपए की ड्रग्स जब्त की है और इस सिलसिले में 15 लोगों को गिरफ्तार किया है। मंत्रालय ने शुक्रवार शाम को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट कर यह जानकारी दी। पोस्ट में कहा गया है, “भारत निर्मम आक्रामकता के साथ ड्रग कार्टेल को खत्म कर रहा है। एनसीबी की अमृतसर जोनल यूनिट ने चार राज्यों में चार महीने तक चले ऑपरेशन के जरिए ड्रग डायवर्जन कार्टेल को खत्म किया, 547 करोड़ रुपए की ड्रग्स जब्त की और 15 लोगों को गिरफ्तार किया। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत ड्रग-मुक्त भारत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। एनसीबी की टीम को बधाई। सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मादक पदार्थों के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में एनसीबी ने हिमाचल प्रदेश और दिल्ली में एक वितरक से 1.36 करोड़ साइकोट्रॉपिक टैबलेट जब्त किए हैं। उत्तराखंड के हरिद्वार में एक निर्माता से 11,693 सीबीसीएस बोतलें और 2.9 किलोग्राम ट्रामाडोल पाउडर भी जब्त किया गया है। जब्त दवाओं की कुल कीमत लगभग 547 करोड़ रुपए है।
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वहीं, ‘नशा मुक्त भारत’ बनाने के पीएम मोदी के विजन के अनुसरण में एनसीबी की अमृतसर जोनल इकाई ने पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली में गैर-चिकित्सीय उपयोग के लिए फार्मास्युटिकल दवाओं के अवैध विचलन और वितरण में शामिल प्रमुख नेटवर्कों का भंडाफोड़ किया है।
अमित शाह के मार्गदर्शन में दिसंबर 2024 से अप्रैल 2025 तक खुफिया जानकारी आधारित अभियान और मामलों की जांच में ‘टॉप टू बॉटम’ और ‘बॉटम टू टॉप’ अप्रोच के परिणामस्वरूप महत्वपूर्ण जब्ती और गिरफ्तारियां हुईं, जिसने निर्माताओं, स्टॉकिस्टों और फ्रंट ऑपरेटरों के बीच एक जटिल गठजोड़ को उजागर किया।


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