हरियाणा-पंजाब के किसानों का प्रोटेस्ट लगातार जारी है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने इस पर टिप्पणी की है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल की स्थिर स्वास्थ्य स्थिति सुनिश्चित करना पंजाब के अधिकारियों की जिम्मेदारी है, जो आंदोलनकारी किसानों की मांगों को स्वीकार करने के लिए केंद्र पर दबाव बनाने के लिए पंजाब और हरियाणा के बीच खनौरी सीमा पर 20 दिनों से अधिक समय से आमरण अनशन पर हैं।
दल्लेवाल का स्वास्थ्य पर SC का बयान
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार से किसान नेता जगजीत डल्लेवाल की सेहत का ध्यान रखने को कहा है। कोर्ट ने कहा है कि वे 24 दिन से आमरण अनशन कर रहे डल्लेवाल के स्वास्थ्य का ख्याल रखना पंजाब सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है। अगर ज़रूरत पड़े तो सरकार तुरंत उन्हें धरना स्थल के पास बने अस्थायी हॉस्पिटल में शिफ्ट करे। वहीं, एक हलफनामा दायर करने को कहा कि उनके स्वास्थ्य को कोई नुकसान न पहुंचे।
दल्लेवाल की स्थिर स्वास्थ्य पर दिया जाए ध्यान
पीठ ने कहा, कि तदल्लेवाल की स्थिर स्वास्थ्य स्थिति सुनिश्चित करना पंजाब राज्य की पूरी जिम्मेदारी है, जिसके लिए, अगर उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता होती है, तो अधिकारी यह निर्णय लेंगे कि क्या उन्हें एक अस्थायी अस्पताल में स्थानांतरित किया जा सकता है, जिसके बारे में कहा जाता है कि यह विरोध स्थल से 700 मीटर की दूरी पर स्थापित किया गया है।
2 जनवरी, 2025 को पोस्ट हुआ मामला
पीठ ने अपने आदेश में कहा, “श्री दल्लेवाल की स्वास्थ्य स्थिरता और इस बीच उनके स्वास्थ्य को कोई नुकसान न पहुंचे, यह सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए आवश्यक कदमों के बारे में एक नई मेडिकल रिपोर्ट पंजाब के मुख्य सचिव और श्री दल्लेवाल की स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी के लिए गठित मेडिकल बोर्ड के अध्यक्ष द्वारा दायर की जाएगी।” सर्वोच्च न्यायालय ने अब मामले को अपने आदेश के अनुपालन के लिए 2 जनवरी, 2025 को पोस्ट किया है।


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