भीड़ से मिलेगी राहत! राजपुरा बाईपास Rail Line को रेलवे से मिली हरी झंडी, खर्च होंगे ₹411.96 करोड़

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Punjab News: रेल मंत्रालय ने राजपुरा बाईपास रेल लाइन के निर्माण को औपचारिक मंजूरी दे दी है। यह परियोजना उत्तरी रेलवे के सबसे व्यस्त रेल खंडों में से एक पर ट्रैफिक का दबाव कम करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। राज्य रेल मंत्री एस. रवनीत सिंह बिट्टू की स्वीकृति के बाद रेलवे बोर्ड ने भी इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 411.96 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। Punjab News: कहां और क्या बनेगा नया बाईपास? स्वीकृत योजना के तहत मौजूदा राजपुरा–बठिंडा रेल लाइन पर स्थित कौली स्टेशन को नए…

Punjab News: रेल मंत्रालय ने राजपुरा बाईपास रेल लाइन के निर्माण को औपचारिक मंजूरी दे दी है। यह परियोजना उत्तरी रेलवे के सबसे व्यस्त रेल खंडों में से एक पर ट्रैफिक का दबाव कम करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। राज्य रेल मंत्री एस. रवनीत सिंह बिट्टू की स्वीकृति के बाद रेलवे बोर्ड ने भी इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 411.96 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।

Punjab News: कहां और क्या बनेगा नया बाईपास?

स्वीकृत योजना के तहत मौजूदा राजपुरा–बठिंडा रेल लाइन पर स्थित कौली स्टेशन को नए शंभू समर्पित माल ढुलाई कॉरिडोर (DFC) स्टेशन से जोड़ने के लिए एक नई बाईपास लाइन बनाई जाएगी। इस बाईपास की कुल लंबाई 13.46 किलोमीटर होगी। यह परियोजना भारतीय रेलवे की नई रेल लाइन योजनाओं के तहत “अम्ब्रेला वर्क 2025-26” में शामिल की गई है।

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Railway Ministry News: राजपुरा यार्ड की भीड़ होगी कम

इस परियोजना का मुख्य मकसद राजपुरा यार्ड पर पड़ रहे भारी दबाव को कम करना है। वर्तमान में यह यार्ड अपनी अधिकतम क्षमता पर काम कर रहा है, जिससे ट्रेनों की आवाजाही में देरी और संचालन संबंधी दिक्कतें सामने आती हैं। नया बाईपास तैयार होने के बाद कई ट्रेनें राजपुरा यार्ड में प्रवेश किए बिना सीधे अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगी।

अंबाला-जालंधर खंड पर बढ़ता दबाव

रेल मंत्री ने बताया कि अंबाला–जालंधर रेल खंड उत्तरी रेलवे के सबसे अधिक व्यस्त रूट्स में से एक है। अगर समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए गए, तो अनुमान है कि 2030-31 तक इस रूट पर लाइन क्षमता का उपयोग 165 प्रतिशत से भी अधिक हो जाएगा। यानी ट्रेनों की संख्या मौजूदा क्षमता से कहीं ज्यादा हो जाएगी, जिससे संचालन प्रभावित हो सकता है।

नया बाईपास कैसे करेगा मदद

राजपुरा बाईपास लाइन ट्रेनों को एक सीधा और वैकल्पिक रास्ता देगी। इससे मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों को राजपुरा यार्ड की भीड़ से बचने में मदद मिलेगी। खास तौर पर माल ढुलाई करने वाली ट्रेनों के लिए यह बाईपास बेहद फायदेमंद साबित होगा, क्योंकि उन्हें सीधे न्यू शंभू स्थित डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

माल और यात्री यातायात को मिलेगा फायदा

डीएफसी से सीधे संपर्क के कारण माल ढुलाई की रफ्तार और व्यवस्था दोनों में सुधार होगा। वहीं, यात्री ट्रेनों की समयपालन क्षमता भी बेहतर होगी। इससे न केवल रेलवे का संचालन सुचारू होगा, बल्कि यात्रियों और व्यापारिक गतिविधियों को भी लाभ मिलेगा।

रेल अवसंरचना के आधुनिकीकरण की दिशा में कदम

यह मंजूरी क्षेत्र में रेल अवसंरचना को आधुनिक बनाने की दिशा में एक अहम पहल मानी जा रही है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि रेलवे की क्षमता भविष्य की बढ़ती परिवहन जरूरतों के अनुरूप बनी रहे और उत्तर भारत के इस महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर पर ट्रैफिक को बेहतर तरीके से संभाला जा सके।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।