Punjab News: आम आदमी पार्टी (आप) के लोकसभा सांसद मलविंदर सिंह कंग ने गुरुवार को लोकसभा में सप्लीमेंट्री ग्रांट की मांगों पर चर्चा के दौरान पंजाब की खेती और सिंचाई से जुड़े अहम मुद्दों को उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि पंजाब में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए विशेष पैकेज और अतिरिक्त आर्थिक सहायता दी जाए, ताकि राज्य की कृषि व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।
Punjab News: हरित क्रांति में पंजाब का बड़ा योगदान
कंग ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में पंजाब की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने याद दिलाया कि जब देश खाद्यान्न की कमी से जूझ रहा था, तब देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और मशहूर कृषि वैज्ञानिक एम.एस. स्वामीनाथन के नेतृत्व में हरित क्रांति की शुरुआत हुई थी। इस आंदोलन में पंजाब ने अग्रणी भूमिका निभाई और पूरे देश के लिए अनाज उत्पादन का बड़ा केंद्र बन गया। उन्होंने कहा कि हरित क्रांति की वजह से भारत खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर बना और आज देश के पास पर्याप्त अनाज का भंडार है। लेकिन इस मॉडल का सबसे अधिक असर पंजाब पर पड़ा है।
पर्यावरण और स्वास्थ्य पर पड़ रहा असर
कंग ने कहा कि लंबे समय से एक ही तरह की खेती करने के कारण पंजाब में पर्यावरण और स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर समस्याएँ सामने आने लगी हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में भूजल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है और कई इलाकों में पानी का संकट गहरा गया है। इसके अलावा, कई क्षेत्रों में कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों के मामले भी बढ़ रहे हैं, जो चिंता का विषय है।
फसल विविधीकरण की जरूरत
आप सांसद ने कहा कि पंजाब को देश का कृषि केंद्र माना जाता है, लेकिन आज भी यहां बड़े पैमाने पर ऐसी फसलें उगाई जा रही हैं जो राज्य की मिट्टी और पानी की स्थिति के लिए उपयुक्त नहीं हैं। खास तौर पर धान की खेती ने पानी की खपत को काफी बढ़ा दिया है।
उन्होंने यह भी कहा कि दूसरी ओर भारत को आज भी कई जरूरी कृषि उत्पादों जैसे दालें, फल और सब्ज़ियां विदेशों से आयात करनी पड़ती हैं। ऐसे में पंजाब में फसल विविधीकरण की काफी संभावनाएं हैं। कंग ने कहा कि राज्य में दालें, फल, डेयरी उत्पाद, कपास, मक्का, गन्ना और आलू जैसी फसलों का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जा सकता है, जिससे देश की आयात पर निर्भरता कम हो सकती है।
केंद्र सरकार से विशेष पैकेज की मांग
कंग ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि पंजाब में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए विशेष वित्तीय पैकेज और अतिरिक्त ग्रांट उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही इस क्षेत्र से जुड़ी रिसर्च और नई तकनीकों को भी बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उनका कहना था कि यदि इस दिशा में सही कदम उठाए जाते हैं, तो इससे न सिर्फ पंजाब की खेती को नया जीवन मिलेगा बल्कि देश की कृषि व्यवस्था भी अधिक मजबूत और आत्मनिर्भर बन सकेगी।
सिंचाई व्यवस्था सुधारने की कोशिश
कंग ने पंजाब में सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार सिंचाई ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आप सरकार के सत्ता में आने से पहले पंजाब में केवल लगभग 21 प्रतिशत खेतों तक ही नहर का पानी पहुंचता था, लेकिन अब यह आंकड़ा बढ़कर करीब 78 प्रतिशत हो गया है। इससे किसानों की भूजल पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है।
केंद्र से सहयोग की अपील
अपने भाषण के अंत में कंग ने केंद्र सरकार से अपील की कि पंजाब में कृषि परियोजनाओं, सिंचाई विकास और फसल विविधीकरण से जुड़ी रिसर्च को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि अगर पंजाब को इस बदलाव में उचित सहयोग मिलता है, तो इससे राज्य की खेती को नई दिशा मिलेगी और देश दालों तथा अन्य कृषि उत्पादों के आयात पर अपनी निर्भरता काफी हद तक कम कर सकेगा।
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