Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज यानी 2 अप्रैल को गांव चीमा में संत अतर सिंह जी महाराज अस्पताल का उद्घाटन किया। यह अस्पताल करीब 11.70 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है और इसमें 30 बिस्तरों की सुविधा उपलब्ध है। इस अस्पताल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना और लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा उनके नजदीक ही उपलब्ध कराना है।
Punjab News: हजारों लोगों को मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस अस्पताल से करीब 15 गांवों के लगभग 50 हजार लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। इसके अलावा आसपास के क्षेत्रों की 35 से 40 हजार की आबादी भी यहां सस्ती और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठा सकेगी। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल के शुरू होने से लोगों को बड़े शहरों में इलाज के लिए जाने की जरूरत काफी हद तक कम हो जाएगी।
सुविधाओं का लिया जायजा

अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और उनके परिजनों से भी बातचीत की। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए कि मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो और सभी सेवाएं समय पर मिलें।
अब स्थानीय स्तर पर होगा इलाज

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण मरीजों को संगरूर, पटियाला और लुधियाना जैसे शहरों में रेफर किया जाता था। लेकिन अब इस नए अस्पताल में आधुनिक मशीनें, इमरजेंसी सेवाएं और जच्चा-बच्चा वार्ड उपलब्ध होने से लोगों को अपने ही क्षेत्र में बेहतर इलाज मिल सकेगा।
मेडिकल कॉलेज की भी तैयारी

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि संत बाबा अतर सिंह के नाम पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य भी जल्द शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार ने इसके लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस कॉलेज का मकसद क्षेत्र में मेडिकल शिक्षा को बढ़ावा देना और स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाना है।
अस्पताल का ऐतिहासिक महत्व

उन्होंने कहा कि संत अतर सिंह जी महाराज ने शिक्षा और समाज सेवा में अहम योगदान दिया है, इसलिए उनके नाम पर इस अस्पताल का नाम रखना गर्व की बात है। यह अस्पताल पहले 1975 में 10 बिस्तरों के साथ शुरू हुआ था, जिसे बाद में 20 बिस्तरों तक बढ़ाया गया। अब इसे बढ़ाकर 30 बिस्तरों वाला आधुनिक केंद्र बना दिया गया है।
आपातकालीन और विशेष सेवाएं

मुख्यमंत्री ने बताया कि यह अस्पताल न केवल सामान्य बीमारियों का इलाज करेगा बल्कि आपातकालीन स्थितियों में भी मददगार साबित होगा। सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों और गंभीर मरीजों को यहां तुरंत इलाज मिलेगा। साथ ही सर्जरी की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
विभिन्न चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध
अस्पताल में ईएनटी, दंत चिकित्सा और बच्चों के इलाज के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध रहेंगे। इसके अलावा यहां मुफ्त जच्चा-बच्चा सेवाएं, एक्स-रे और खून की जांच की सुविधा भी दी जाएगी। नशा मुक्ति के लिए भी विशेष उपचार की व्यवस्था की गई है।
नशा विरोधी अभियान पर जोर

मुख्यमंत्री ने नशे के खिलाफ अपनी सरकार की सख्त नीति को दोहराया। उन्होंने कहा कि नशों को कानूनी बनाने का विचार गलत है और इससे समस्या का समाधान नहीं हो सकता। इसके बजाय युवाओं को सही दिशा में प्रेरित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पहले से ही नशा खत्म करने के लिए कई कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में चलाया जा रहा ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान अच्छे परिणाम दे रहा है।
इस अभियान के तहत नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है, उनकी संपत्तियां जब्त की गई हैं और सप्लाई नेटवर्क को तोड़ा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार जल्द ही उन लोगों को सम्मानित करेगी जिन्होंने नशा तस्करों के खिलाफ जानकारी दी है।
सरकार की उपलब्धियां

मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि जनता के टैक्स का पैसा सीधे जनता के विकास में लगाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली दी जा रही है और 65 हजार से ज्यादा युवाओं को बिना भ्रष्टाचार के नौकरी मिली है। इसके अलावा सड़कों में सुधार किया गया है और कई टोल प्लाजा बंद कर रोजाना लाखों रुपये की बचत सुनिश्चित की गई है।
कार्यक्रम में मौजूद रहे नेता
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह भी मौजूद रहे। सभी नेताओं ने इस अस्पताल को क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि इससे लोगों के जीवन स्तर में सुधार आएगा।


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