पंजाब की मुख्यमंत्री सेहत योजना बनी जीवनदायिनी, 65 वर्षीय महिला का मुफ्त घुटना ऑपरेशन, खुशी से झलके बेटे की आंख से आंसू

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Punjab News: पंजाब के होशियारपुर जिले के दसूहा इलाके के गाँव पनवा की 65 वर्षीय केवल कौर के लिए 17 अप्रैल का दिन नई उम्मीद लेकर आया। लंबे समय से घुटनों के तेज दर्द से परेशान रहने वाली केवल कौर अब धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लौट रही हैं। यह बदलाव राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजना की वजह से संभव हो पाया है। केवल कौर पिछले कई सालों से घुटनों के असहनीय दर्द से जूझ रही थीं। उनकी हालत इतनी खराब हो गई थी कि वह बिना सहारे के चल भी नहीं पाती थीं। रोजमर्रा के छोटे-छोटे काम भी उनके…

Punjab News: पंजाब के होशियारपुर जिले के दसूहा इलाके के गाँव पनवा की 65 वर्षीय केवल कौर के लिए 17 अप्रैल का दिन नई उम्मीद लेकर आया। लंबे समय से घुटनों के तेज दर्द से परेशान रहने वाली केवल कौर अब धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लौट रही हैं। यह बदलाव राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजना की वजह से संभव हो पाया है।

केवल कौर पिछले कई सालों से घुटनों के असहनीय दर्द से जूझ रही थीं। उनकी हालत इतनी खराब हो गई थी कि वह बिना सहारे के चल भी नहीं पाती थीं। रोजमर्रा के छोटे-छोटे काम भी उनके लिए बड़ी चुनौती बन गए थे। परिवार के लिए भी यह समय बेहद कठिन था, क्योंकि वे अपनी माँ को लगातार तकलीफ में देखते थे।

Punjab News: इलाज की उम्मीद बनी सर्जरी

केवल कौर के बेटे मनदीप सिंह, जो एक किसान हैं, बताते हैं कि उन्होंने अपनी मां के इलाज के लिए कई डॉक्टरों से सलाह ली। दवाइयाँ भी चलती रहीं, लेकिन कोई स्थायी राहत नहीं मिली। आखिरकार डॉक्टरों ने सर्जरी को ही एकमात्र विकल्प बताया। हालांकि, इस ऑपरेशन का खर्च लगभग 1.5 लाख रुपये था, जो उनके लिए काफी मुश्किल था। इसी बीच मनदीप सिंह को राज्य सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के बारे में जानकारी मिली।

उन्होंने तुरंत हेल्थ कार्ड बनवाया और अपनी माँ का इलाज करवाने का फैसला किया। जालंधर के पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में 17 अप्रैल को डॉक्टरों की टीम ने सफलतापूर्वक उनका ऑपरेशन किया। यह पूरी प्रक्रिया करीब दो घंटे में पूरी हुई और सबसे बड़ी बात यह रही कि इसका कोई खर्च नहीं आया।

सफल ऑपरेशन के बाद नई शुरुआत

ऑपरेशन के बाद केवल कौर की हालत में काफी सुधार है। अब उनका दर्द पहले से कम हो गया है और वह धीरे-धीरे अपने पैरों पर खड़ी होने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि अभी उनकी पूरी रिकवरी बाकी है, लेकिन उनके चेहरे पर संतोष और खुशी साफ दिखाई देती है। केवल कौर भावुक होकर कहती हैं कि यह योजना उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। उनका कहना है कि अब उन्हें किसी पर बोझ महसूस नहीं होता।

उनके बेटे मनदीप भी मानते हैं कि इस योजना ने उनके परिवार को आत्मसम्मान के साथ जीने का मौका दिया है। भले ही उनके बच्चे विदेश में रहते हैं और आर्थिक मदद कर सकते थे, लेकिन मुफ्त इलाज ने उन्हें आत्मनिर्भरता का एहसास कराया।

अन्य मरीजों को भी मिला लाभ

मनदीप सिंह बताते हैं कि केवल कौर के अलावा आसपास के कई अन्य बुजुर्ग मरीजों का भी इसी योजना के तहत इलाज हुआ है। शुरुआती जांच में थोड़ा खर्च जरूर आया, लेकिन पूरा ऑपरेशन मुफ्त किया गया। इस योजना के तहत गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को बड़ी राहत मिल रही है। केवल कौर की कहानी सिर्फ एक सफल सर्जरी की कहानी नहीं है, बल्कि यह इस बात का उदाहरण है कि सही समय पर मिली मदद किस तरह किसी के जीवन को बदल सकती है। अब उनके जीवन में दर्द की जगह उम्मीद ने ले ली है और वह फिर से सामान्य जिंदगी जीने की ओर बढ़ रही हैं।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।