Punjab News: ईएनटी से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार

नई सूची में कान, नाक और गले (ईएनटी) से संबंधित कई प्रक्रियाओं को शामिल किया गया है। अब सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में नाक की हड्डी टूटने के बाद उसकी सेटिंग और एडेनोइडेक्टोमी जैसी सर्जरी कराई जा सकेगी। ये ऐसी प्रक्रियाएं हैं जिनकी जरूरत अक्सर बच्चों और दुर्घटना में घायल लोगों को पड़ती है। समय पर इलाज मिलने से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य लाभ मिल सकेगा।
जनरल सर्जरी के क्षेत्र में सबसे अधिक नई सुविधाएं जोड़ी गई हैं। अब हाइड्रोसील का ऑपरेशन, फोड़े-फुंसी का इलाज, एपेंडिक्स की सर्जरी और गॉल ब्लैडर से जुड़ी ओपन तथा लैप्रोस्कोपिक सर्जरी भी निजी अस्पतालों में कराई जा सकेगी। इससे मरीजों को दूर-दराज के बड़े अस्पतालों में जाने की जरूरत कम पड़ेगी। साथ ही ऑपरेशन के लिए लंबा इंतजार भी नहीं करना होगा।
महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान

सरकार ने महिला स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए भी कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को योजना में शामिल किया है। अब 12 सप्ताह से अधिक गर्भावस्था से जुड़े गर्भपात की प्रक्रियाएं, हिस्टेरोटॉमी, गर्भावस्था के दौरान आने वाली जटिलताओं के लिए भर्ती और विशेष परिस्थितियों में जांच जैसी सुविधाएं निजी अस्पतालों में उपलब्ध होंगी। इन सेवाओं का लाभ विशेष रूप से जरूरतमंद महिलाओं, किशोरियों और संवेदनशील परिस्थितियों से गुजर रही मरीजों को मिलेगा। इससे महिलाओं को समय पर और सुरक्षित उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।
योजना के विस्तार के तहत नेत्र रोग और ऑर्थोपेडिक सेवाओं को भी मजबूत किया गया है। अब आंखों की कुछ महत्वपूर्ण सर्जरी जैसे पटेरीजियम एक्सीजन और एंट्रोपियन करेक्शन निजी अस्पतालों में कराई जा सकेंगी। इसके अलावा हड्डियों और जोड़ों से संबंधित समस्याओं के इलाज के लिए टेंडन रिलीज, छोटे जोड़ों की चोटों का उपचार और टखने के फ्रैक्चर की सर्जरी जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। सरकार द्वारा इन नई प्रक्रियाओं के लिए 2,000 रुपये से लेकर 27,800 रुपये तक के पैकेज रेट तय किए गए हैं।
अब अकेले रहने वाले लोग भी होंगे शामिल
इस योजना में एक और बड़ा बदलाव किया गया है। पहले यह योजना केवल दो या उससे अधिक सदस्यों वाले परिवारों के लिए उपलब्ध थी। अब अकेले रहने वाले लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा। इसमें वरिष्ठ नागरिक, विधवाएं और ऐसे अन्य व्यक्ति शामिल हैं जो स्वतंत्र रूप से जीवनयापन कर रहे हैं। इसके अलावा उन माता-पिता को भी योजना का लाभ दिया जाएगा जिनके बच्चे विदेश में रहते हैं।
योजना में शामिल होने के लिए आधार कार्ड और वोटर आईडी जरूरी होंगे। 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए जन्म प्रमाण पत्र देना होगा। अकेले रहने वाले व्यक्तियों को एक घोषणा पत्र जमा करना होगा, जिसकी पुष्टि स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा की जाएगी।
लाखों परिवारों को मिल रहा लाभ
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार, वर्तमान में लगभग 65 लाख परिवार मुख्यमंत्री सेहत योजना के अंतर्गत कवर किए जा चुके हैं। इस योजना से जुड़े 824 अस्पताल लोगों को उपचार की सुविधा प्रदान कर रहे हैं। इनमें सरकारी, केंद्र सरकार के और निजी सूचीबद्ध अस्पताल शामिल हैं।
करीब 2,300 बीमारियों और मेडिकल प्रक्रियाओं को कवर करने वाली यह योजना पंजाब के लोगों के लिए एक मजबूत स्वास्थ्य सुरक्षा कवच बन चुकी है। योजना के विस्तार से अब पहले की तुलना में अधिक लोगों को कैशलेस और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।


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