ट्रैफिक पर संसद में गरजे Raghav Chadha, बोलें-100 से 168 घंटे जाम में बर्बाद; देश को हो रहा भारी नुकसान

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Raghav Chadha Traffic Speech: संसद भवन में आज शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (AAP )के सांसद Raghav Chadha ने देश के बड़े महानगरों में बढ़ती ट्रैफ़िक समस्या को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ट्रैफ़िक जाम ने भारत के मेट्रो शहरों को “विशाल पार्किंग लॉट” में बदल दिया है, जहां लोग घंटों फंसे रहने को मजबूर हैं। राघव चड्ढा ने अपने संबोधन में बताया कि बेंगलुरु, पुणे, मुंबई, कोलकाता, दिल्ली और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों में एक आम यात्री सालाना 100 से 168 घंटे तक ट्रैफ़िक में बर्बाद करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह समय यात्रा का…

Raghav Chadha Traffic Speech: संसद भवन में आज शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (AAP )के सांसद Raghav Chadha ने देश के बड़े महानगरों में बढ़ती ट्रैफ़िक समस्या को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ट्रैफ़िक जाम ने भारत के मेट्रो शहरों को “विशाल पार्किंग लॉट” में बदल दिया है, जहां लोग घंटों फंसे रहने को मजबूर हैं। राघव चड्ढा ने अपने संबोधन में बताया कि बेंगलुरु, पुणे, मुंबई, कोलकाता, दिल्ली और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों में एक आम यात्री सालाना 100 से 168 घंटे तक ट्रैफ़िक में बर्बाद करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह समय यात्रा का नहीं, बल्कि केवल जाम में बैठे रहने का होता है, जिससे देश की उत्पादकता पर सीधा असर पड़ता है।

Raghav Chadha Traffic Speech: ट्रैफिक में बर्बाद समय से देश का नुकसान

आप नेता ने आगे कहा कि ट्रैफ़िक जाम के कारण न केवल समय की बर्बादी होती है, बल्कि ईंधन की बर्बादी, वायु प्रदूषण में वृद्धि और लोगों की जीवन गुणवत्ता में गिरावट भी देखने को मिलती है। उन्होंने आगे कहा, “हर बर्बाद हुआ घंटा देश की अर्थव्यवस्था के लिए नुकसान है, जिसे हम कभी वापस नहीं पा सकते।

Raghav Chadha Speech: संसद में ट्रैफिक से आज़ादी की मांग

इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए आप नेता चड्ढा ने संसद में “राष्ट्रीय शहरी भीड़-भाड़ कम करने का मिशन” (National Urban Decongestion Mission) लागू करने की मांग की। इस मिशन के तहत बेहतर और सुलभ सार्वजनिक परिवहन, स्मार्ट ट्रैफ़िक मैनेजमेंट सिस्टम और वैज्ञानिक पार्किंग नीति को शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया है। अपने भाषण के अंत में उन्होंने कहा कि “हम ट्रैफ़िक में फंसे नहीं हैं, बल्कि ट्रैफ़िक की वजह से फंसे हुए हैं।” उन्होंने सरकार से अपील की कि यदि भारत को अपनी अर्थव्यवस्था को तेज़ रफ्तार देनी है, तो शहरों की गति को भी सुधारना अनिवार्य होगा।

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।