राजस्थान के टोंक जिले की विशेष एससी/एसटी अदालत ने प्रेम संबंध से जुड़े मामले पर अपना फैसला सुनाया है। 25 वर्षीय सुमन की हत्या के मामले में एक ही परिवार के चार सदस्यों मुख्य आरोपी प्रधान, उसकी मां संजना, भाई सवाई राम और बहन सुशीला को उम्रकैद और कुल 1.35 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सुमन की तरफ से शादी का दबाव बनाने पर इन चारों ने उसकी हत्या कर दी थी। इस बात को अभियोजन पक्ष ने 27 गवाहों और 37 दस्तावेजों के जरिए साबित किया।
जहरीला रसायन पिलाकर प्रेमिका की हत्या
जानकारी के मुताबिक, 25 वर्षीय सुमन और मुख्य आरोपी प्रधान लंबे समय से प्रेम संबंध में थे। दोनों टोंक जिले के रहने वाले थे, लेकिन जयपुर में रहते थे। सुमन प्रधान के साथ शादी करना चाहती थी, लेकिन दोनों अलग-अलग जातियों से थे। सुमन प्रधान पर शादी का दबाव बना रही थी, जबकि वह बात टालता रहता था। जब सुमन की तरफ से ज्यादा दबाव बनाया जाने लगा, तो प्रधान ने अपनी मां संजना, भाई सवाई राम और बहन सुशीला के साथ मिलकर उसको मारने की साजिश रची। 2022 में प्रधान ने सुमन को अपने गांव में श्राद्ध कार्यक्रम के बहाने बुलाया। प्लान के तहत आरोपियों ने उसे जहरीला रसायन पिला दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ खुलासा
यह मामला कोई नया नहीं, बल्कि 2022 का है। हत्या के तीन दिन बाद प्रधान ने सुमन के फोन किया गया और अजमेर आने को कहा। आरोपी के परिवार ने सुमन के परिजनों को बताया कि उसकी मृत्यु सांप के काटने से हुई है। परिवार ने भी बिना सच्चाई जाने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। लेकिन जब सुमन की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई, तब पता चला कि सुमन की मौत सांप काटने से नहीं, बल्कि शरीर में जहरीले रसायन की वजह से हुई। इसके बाद यह भी सामने आया कि प्रधान ने सुमन के ATM से करीब 80 हजार रूपये भी निकाले थे। इसके बाद सुमन के भाई ने शिकायत की और 2023 में केस दर्ज किया गया।
4 आरोपियों को उम्र कैद और 1.35 लाख रुपये जुर्माना
जांच में पता चला कि सुमन की हत्या शादी का दबाव बनाने को लेकर की गई है। टोंक की विशेष एससी/एसटी अदालत ने सुमन की हत्या मामले में एक ही परिवार के चार सदस्यों, संजना, उसके दो बेटों प्रधान और सवाई राम, बेटी सुशीला को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कुल 1.35 लाख रुपये जुर्माना लगाया है। सुमन की तरफ से शादी का दबाव बनाने की वजह से उसकी साजिश रचकर हत्या की गई थी, जिसे अभियोजन पक्ष ने 27 गवाहों और 37 दस्तावेजों के आधार पर साबित किया।
विशेष जज आरती माहेश्वरी ने अपने फैसले में हत्या और जातिगत अंतर पर एक कविता भी लिखी। साथ ही, इस मामले के दो आरोपी, संजना और सवाई राम पहले से ही एक दूसरी हत्या के मामले में जयपुर जेल में बंद थे, जिन्हें कोर्ट में पेशी के लिए टोंक लाया गया था।


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