जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद राजस्थान के बाड़मेर में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। सीमा पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और पुलिस व सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। एसपी नरेंद्र मीणा ने लोगों से संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने की अपील की है और सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद देशभर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। राजस्थान के बाड़मेर स्थित भारत-पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर भी सुरक्षा के इंतजाम और कड़े किए गए हैं। बाड़मेर जिले की सीमा पर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।बाड़मेर के एसपी नरेंद्र मीणा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था को लेकर निर्देश मिले थे। सभी निर्देशों का पालन किया जा रहा है। पुलिस अधिकारी ने बताया, “मैंने बीती रात सीमा क्षेत्र में गश्त की। बीएसएफ, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां सीमा पर पूरी तरह मुस्तैद हैं। साथ ही, बॉर्डर पर रहने वाले लोगों से भी संपर्क किया जा रहा है। पहलगाम हमले की गंभीरता को देखते हुए बाड़मेर शहर में संदिग्ध और अनजान लोगों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इसके अलावा, होटलों, सराय और सेवा सदनों में पुलिस द्वारा नियमित जांच की जा रही है।”
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एसपी मीणा ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। उन्होंने चेतावनी दी कि सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने या सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, सुरक्षा एजेंसियां पाकिस्तान की किसी भी संभावित हरकत पर नजर रख रही हैं। सीमा पर बीएसएफ और सेना की गतिविधियां तेज कर दी गई हैं। बाड़मेर में सभी सुरक्षा एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं, ताकि शांति और सुरक्षा बनी रहे।
उल्लेखनीय है कि पहलगाम हमले के बाद अटारी-वाघा बॉर्डर पर आवाजाही बंद कर दी गई है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में तनाव और सतर्कता बढ़ गई है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद से ही देशभर में अलर्ट जारी किया गया है।


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