Garuda Purana Punishment for Betrayal: अपनी पत्नी को धोखा देने वालों को यमलोक में मिलती है यह खौफनाक सजा! जान लें गरुड़ पुराण की ये बातें

Summary :

गरुड़ पुराण हिंदू धर्म के 18 प्रमुख पुराणों में से एक है, जिसमें जीवन, मृत्यु, आत्मा के सफर, कर्मों और स्वर्ग-नरक का विस्तार से वर्णन है। यह पुराण बताता है कि वैवाहिक संबंधों में विश्वासघात करने वाले, विशेषकर जो पुरुष अपनी पत्नी को धोखा देकर किसी अन्य स्त्री से संबंध बनाते हैं, उन्हें मृत्यु के बाद कठोर दंड भुगतना पड़ता है। ऐसे व्यक्तियों की आत्मा को 'तप्तसूर्मि' नरक में भेजा जाता है, जहाँ उन्हें लाल-गरम लोहे की सुइयों से असहनीय पीड़ा दी जाती है।

Garuda Purana Punishment for Betrayal: हिंदू धर्म में कुल 16 मुख्य नियम या संस्कार बताए गए हैं, जिनमें से शादी भी एक बेहद पवित्र और धार्मिक बंधन है। गरुड़ पुराण हमारे 18 बड़े पुराणों में से एक है, जिसमें भगवान विष्णु और गरुड़ पक्षी के बीच हुई बातचीत लिखी गई है। इस पुराण में इंसान के जीवन, मृत्यु, आत्मा के सफर, अच्छे-बुरे कर्मों और स्वर्ग-नरक के बारे में बताया गया है।

गरुड़ पुराण में बताया गया है कि जो लोग धोखा देते हैं या गलत रास्ता चुनते हैं, उनका अंजाम बहुत बुरा होता है। अपनी पत्नी को धोखा देकर किसी दूसरी महिला के साथ गलत संबंध बनाने वाले को मृत्यु के बाद क्या सजा मिलती है। गरुड़ पुराण ऐसे संबंधों को पूरी तरह गलत मानता है।

गरुड़ पुराण में धोखेबाजों के लिए सख्त सजा

Garuda Purana Punishment for Betrayal
Garuda Purana Punishment for Betrayal (AI Generated)

गरुड़ पुराण के अनुसार, जो आदमी अपनी पत्नी को धोखा देता है और किसी दूसरी औरत से गलत संबंध बनाता है, उसे यमलोक में सबसे सख्त सजा मिलती है। जो इंसान अपनी वासना के चक्कर में आकर धर्म और समाज की सीमाएं तोड़ता है, उसकी आत्मा को मौत के बाद ‘तप्तसूर्मि’ नाम के नरक में भेजा जाता है। वहां आत्मा को आग की तरह लाल और गर्म लोहे की अनगिनत सुइयां चुभोई जाती हैं, जिससे उसे न सहने योग्य दर्द होता है।

नरक की भयानक यातनाएं

धोखा देने वाले लोगों की आत्मा को मरने के बाद ‘अंधतामिस्र’ नरक में भेजा जाता है। इस नरक में पूरी तरह अँधेरा होता है, जिससे कुछ दिखाई नहीं देता। यहां आत्मा को नुकीले कांटों और जहरीले कीड़े-मकोड़ों से भरे लंबे रास्तों पर बिना चप्पल के चलाया जाता है। इसके अलावा ‘वज्रदंश’ नरक में खतरनाक और बहुत बड़े जानवर होते हैं, जो आत्मा को नोच-नोच कर खाते हैं। यह भयानक सजा आत्मा को तब तक मिलती रहती है, जब तक कि उसके सारे बुरे कर्मों का हिसाब पूरा न हो जाए।

सही रास्ते पर चलने की सीख

गरुड़ पुराण में इन कठोर सजाओं का वर्णन करने का मुख्य उद्देश्य इंसान को डराना नहीं, बल्कि उसे सही और धर्म के रास्ते पर चलाना है। यह पुराण हमें यह सीख देता है कि इंसान को अपने रिश्तों के प्रति वफादार रहना चाहिए और वासना के वशीभूत होकर कोई गलत कदम नहीं उठाना चाहिए, क्योंकि इंसान के हर अच्छे और बुरे कर्म का हिसाब अंतिम समय में जरूर होता है।
इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक ग्रंथियों, कहानियों या मान्यताओं पर आधारित है। पंजाब केसरी इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।