भारत में तेजी से बढ़ रही इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री, मई में मार्केट शेयर 4 प्रतिशत के पार

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इलेक्ट्रिक कारें बनीं ग्राहकों की पसंद, मई में बिक्री ने नया रिकॉर्ड बनाया

भारत में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री तेजी से बढ़ रही है, मई में इनकी हिस्सेदारी 4 प्रतिशत से अधिक हो गई। फाडा के अनुसार, बैटरी टेक्नोलॉजी में सुधार और लागत में कमी के कारण ईवी की लोकप्रियता बढ़ी है। टाटा मोटर्स ने 4,351 यूनिट्स बेचकर बाजार में अपनी अग्रणी स्थिति बनाए रखी।

देश में कारों की कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक कारों (ईवी) की हिस्सेदारी बढ़कर 4 प्रतिशत से अधिक हो गई है, जो कि पिछले साल 2.6 प्रतिशत थी। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) की ओर से जारी किए गए डेटा से यह जानकारी मिली।

इस साल मई में इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों की हिस्सेदारी कुल बिक्री में अप्रैल के 3.5 प्रतिशत की तुलना में 0.5 प्रतिशत बढ़ी है, जो दिखाता है कि ईवी तेजी से ग्राहकों के बीच में लोकप्रिय हो रही है।

रिटेल डेटा के मुताबिक, मई में 12,304 इलेक्ट्रिक कारें बेची गईं, जबकि मई 2024 में यह संख्या सिर्फ 8,029 यूनिट्स थी। इस साल अप्रैल में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री 12,233 यूनिट्स रही थी।

फाडा के सीईओ सहर्ष दमानी ने कहा, “यह हमारे उद्योग के इलेक्ट्रिफिकेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह वृद्धि पहले के मुकाबले बैटरी टेक्नोलॉजी में सुधार, बेहतर रेंज और इलेक्ट्रिक मॉडल की लागत में कमी के कारण हुई है।”

टाटा मोटर्स ने मई के दौरान 4,351 यूनिट्स बेचकर इलेक्ट्रिक कार सेगमेंट में अपनी मार्केट लीडरशिप बनाए रखी। दूसरे नंबर पर मौजूद जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर ने मई में 3,765 इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री की, जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा महीने के दौरान 2,632 यूनिट्स बेचकर तीसरे स्थान पर रही।

फाडा के आंकड़ों के अनुसार, इन शीर्ष तीन इलेक्ट्रिक कार कंपनियों की इस सेगमेंट में कुल बिक्री में 87 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी है।

फाडा का अनुमान है कि रेयर अर्थ मिनरल की आपूर्ति में रुकावटों के चलते पूरा ग्लोबल ईवी सिस्टम प्रभावित हो सकता है। इसके कारण ईवी के उत्पादन में कमी देखने को मिल सकती है, जिसका असर रिटेल सेल्स पर भी हो सकता है।

रेयर अर्थ मिनरल की आपूर्ति में वर्चस्व रखने वाले चीन ने हाल ही में इनके निर्यात पर कुछ प्रतिबंध लगाने शुरू कर दिए हैं। इससे आपूर्ति श्रृंखला की समस्याएं पैदा होने का खतरा बढ़ गया है।

केंद्र सरकार ने भारत में ग्लोबल कार मैन्युफैक्चरर्स से इलेक्ट्रिक वाहन सेगमेंट में निवेश आकर्षित करने के लिए नई स्कीम लॉन्च की है।

इस स्कीम का उद्देश्य भारत को इलेक्ट्रिक कार सेगमेंट में ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करना है।

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