Aligarh Father Death After Daughter Wedding : एक पिता अपनी पूरी जिंदगी इस बोझ में जी रहा होता है कि जब उसकी बेटी विदा हो तो खातिरदारी में कोई कमी न रह जाए, गरीब से गरीब पिता भी पूरी कोशिश करता है कि सब कुशल मंगल हो जाए, वह अपने से जो हो पाए सब न्योछावर कर देता है। इसी उम्मीद में अलीगढ़ के पिसावा क्षेत्र के गाँव मढ़ा हबीपुर में एक पिता अपनी 2 बेटियों की शादी करने की सोची, मगर नियति ऐसी कि बेटियों की विदाई के एन वक्त पहले ही बाप चल बसा।
यह घटना इसलिए मार्मिक है कि कहां तो बेटियों की डोली उठनी थी घर से और कहां पिता की अर्थी उठ गई।
Aligarh Father Death After Daughter Wedding : क्या घटा मामला

दरअसल, बीमारी के बावजूद चूरामन शर्मा (62) के चेहरे पर 8 फरवरी की शाम से ही खुशी थी। रात में छोटी बेटियों तारा और ममता की बरात लेकर पहुंचे दूल्हों विपिन और मोनू (सगे भाई) सहित बरातियों का धूमधाम से स्वागत किया। रात में कन्यादान किया लेकिन बेटियों की डोली उठने से पहले उनकी सांसें टूट गईं।
Aligarh News Today : हुई शादी सम्पन्न

घर पर शादी की खुशियां रहती, उस से पहले मौत का मातम पसर गया। इसके बाद सादगी के साथ परिजन ने 9 फरवरी की सुबह जल्दी से दोनों बहनों की विदाई की। दोपहर में शव का अंतिम संस्कार किया। ससुराल पहुंचने और वहां की रस्मों की अदायगी के तत्काल बाद दोनों बहनें अंतिम संस्कार से पहले पिता का अंतिम दर्शन करने के लिए मायके लौट आईं।
Aligarh Father death News : दर्द भूल किया सारा कार्यक्रम
परिवालों का कहना है कि चूरामन की तबीयत काफी पहले से खराब चल रही थी। मगर सर पर बेटियों की शादी की जिम्मेदारी भी आ पड़ी थी। शादी में कोई रुकावट न हो तो चूरामन शर्मा बगैर किसी उफ्फ़ के शादी के कामों में लगे रहे, किसे क्या पता था कि वे जाने वाले हैं। जब जब घरवाले उन्हे आराम करने को कहते वे कहते कि पहले बेटियों की शादी हो जाने दो।
की थी पूरी तैयारी
बता दें, जट्टारी के अलीगढ़-पलवल मार्ग स्थित एक फार्म हाउस में विवाह समारोह रखा गया था। फेरों के बाद विदाई की तैयारी शुरू हुई तभी पिता चूरामन शर्मा की तबीयत बिगड़ी और वह बेसुध होकर गिर पड़े। परिजन बेटियों को जल्दी से जल्दी विदा कर उन्हें अस्पताल ले जाने की तैयारी में थे, लेकिन बेटियों के विदा होने से एक घंटे पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। वह अपने पीछे चारों शादीशुदा बेटियों, पुत्र सहित परिजन को रोता छोड़ गए। वह चार भाइयों में दूसरे नंबर पर थे।
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